बीसीसीआई और पूर्व दिग्गजों ने शमी को सराहा

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नयी दिल्ली। टेस्ट क्रिकेट से मोहम्मद शमी के संन्यास लेने पर बीसीसीआई और भारत के पूर्व क्रिकेटरों ने उन्हें सराहा है। देश की तेज़ गेंदबाज़ी की विरासत में उनके योगदान की हर तरफ तारीफ़ हो रही है। जहाँ बीसीसीआई ने इस अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ को भारतीय तेज़ गेंदबाज़ी के एक युग को परिभाषित करने का श्रेय दिया, वहीं पूर्व कोच रवि शास्त्री का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में अभी भी उनमें काफी कुछ देने की क्षमता थी।

शमी ने शुक्रवार रात अपने फैसले की घोषणा की, जिससे उनके 13 साल लंबे टेस्ट करियर का अंत हो गया। उन्होंने अपने करियर में 64 मैचों में 229 विकेट लिए। टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले भारतीय तेज़ गेंदबाज़ों की सूची में वह छठे स्थान पर हैं। उनसे आगे कपिल देव (434), ज़हीर खान (311), इशांत शर्मा (311), जवागल श्रीनाथ (236) और जसप्रीत बुमराह (234) हैं।

बीसीसीआई ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के ज़रिए उनके योगदान को याद करते हुए लिखा: “भारतीय तेज़ गेंदबाज़ी के एक युग को परिभाषित करने के लिए धन्यवाद, टेस्ट कैप #279।” भारत के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री, जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान शमी के साथ काफी काम किया था, का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में अभी भी उनमें काफी कुछ देने की क्षमता थी। शास्त्री ने भारत की सफलता में उनकी अहम भूमिका को सराहा और बताया कि कैसे वे अपनी सीम गेंदबाज़ी से विपक्षी बल्लेबाज़ों पर दबाव बनाए रखते थे।

शास्त्री ने कहा, “शानदार करियर। मैं भाग्यशाली था कि उस समय मैं कोच था। भारत के अच्छे प्रदर्शन में उनकी अहम भूमिका रही। उनके बिना, तेज़ गेंदबाज़ी यूनिट का काम करना मुश्किल होता। विश्व क्रिकेट में उनसे बेहतर सीम का इस्तेमाल कोई नहीं कर सकता था। आप जेम्स एंडरसन का नाम भी ले सकते हैं। अगर शमी को विकेट नहीं भी मिलते थे, तब भी वे विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखते थे।”

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शास्त्री ने शमी के इस फैसले पर निराशा भी जताई। उन्होंने कहा कि अगर शमी टेस्ट क्रिकेट खेलना जारी रखते, तो उनके विकेटों की संख्या और भी ज़्यादा हो सकती थी। शास्त्री ने न्यूजीलैंड में दूसरे वनडे के दौरान ब्रॉडकास्टर से कहा, ”उन्हें जाते हुए देखकर दुख हुआ। मुझे पक्का यकीन था कि वह अभी 30-40 विकेट और ले सकते थे। उन्हें पिछले 12 महीनों में खेलना चाहिए था। शायद उन्हें न्यूजीलैंड के इस दौरे पर टेस्ट मैच के गेंदबाज के तौर पर टीम में होना चाहिए था।”

भारत के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने लाल गेंद (रेड बॉल) के साथ ‘लेट मूवमेंट’ (गेंद का देर से मुड़ना) पैदा करने की शमी की काबिलियत को याद किया। पठान ने लिखा, “आपके शानदार रेड-बॉल करियर के लिए बहुत-बहुत बधाई। आपकी उस लाल गेंद के साथ ‘लेट मूवमेंट’ की बहुत याद आएगी।” पूर्व तेज गेंदबाज मुनाफ पटेल ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि टेस्ट फॉर्मेट में शमी की कमी खलेगी, लेकिन उम्मीद जताई कि उन्हें भारत की लिमिटेड-ओवर्स (सीमित ओवरों) वाली जर्सी में फिर से देखा जा सकेगा।

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मुनाफ ने लिखा, “दोस्त, सफेद कपड़ों (टेस्ट क्रिकेट) में आपकी बहुत याद आएगी। आपके बेहतरीन करियर के लिए बधाई। जल्द ही नीली जर्सी में मिलते हैं।”
बंगाल की टीम में शमी के पूर्व साथी मनोज तिवारी ने उन्हें एक ‘योद्धा’ बताया और अपनी कप्तानी के दौरान इस तेज गेंदबाज के साथ खेलने के अपने अनुभव को याद किया। “भले ही अब उनके हाथों में लाल गेंद न हो, लेकिन उनकी तूफानी गेंदों की यादें क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में हमेशा रहेंगी। कुछ दिग्गज कभी अलविदा नहीं कहते; वे बस इतिहास बन जाते हैं।”

तिवारी ने कहा, “जब मैं बंगाल की टीम की कप्तानी कर रहा था और मेरी बॉलिंग लाइन-अप में शमी थे, तो मेरे लिए इसका यही मतलब था। वह दिल से एक योद्धा हैं।”