त्योहारी सीजन में मिठाइयों में मिलावट रोकने खाद्य विभाग सतर्क, 21 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे

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दो खाद्य प्रतिष्ठानों पर प्रकरण दर्ज, तीन कारोबारियों को सुधार नोटिस जारी
कांकेर त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए जिले में मिठाइयों एवं अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।

कांकेर। कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा जिले के विभिन्न मिठाई दुकानों, कन्फेक्शनरी के थोक प्रतिष्ठानों, किराना दुकानों एवं होटलों का नियमित निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों के नमूने संकलित किए जा रहे हैं। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई भी की जा रही है।

वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी एवं उनकी टीम द्वारा निरीक्षण के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों से काजू कतली एवं छेना रसगुल्ला, खीर कदम एवं चॉकलेट मावा बर्फी, कलाकंद एवं बालूशाही, खोवा, बादाम बर्फी, पनीर तथा बर्फी के नमूने लिए गए।

इसके अलावा विभिन्न प्रतिष्ठानों से पेड़ा, लड्डू, नारियल बर्फी, पनीर, दूध, दही, नमकीन एवं घी सहित कुल 21 खाद्य पदार्थों के नमूने संकलित कर जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट में नमूने अमानक पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन कार्यालय कांकेर के अभिहित अधिकारी सुष्मित देवांगन ने बताया कि निरीक्षण के दौरान खाद्य कारोबारकर्ताओं को प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई बनाए रखने, अखाद्य रंगों का उपयोग नहीं करने, स्वच्छ पेयजल का इस्तेमाल करने तथा खाद्य पदार्थों को अखबारी कागज में नहीं रखने के निर्देश दिए गए। वहीं बिना लाइसेंस अथवा पंजीयन खाद्य कारोबार करने एवं एक्सपायरी खाद्य सामग्री बेचने के मामले में दो खाद्य प्रतिष्ठानों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज भी किया गया है। इसके साथ ही तीन खाद्य कारोबारकर्ताओं को सुधार के लिए इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया है।

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खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि बाजार में बिकने वाली खुली एवं अमानक खाद्य सामग्री के उपयोग से बचें। अधिक कृत्रिम रंग वाली मिठाइयों का सेवन न करें। खाद्य पदार्थ खरीदते समय उसके पैकेट पर अंकित लेबल, निर्माण तिथि एवं उपयोग की अंतिम तिथि अवश्य जांच लें। किसी भी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता में कमी या अनियमितता पाए जाने पर इसकी सूचना विभाग को दें, ताकि संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।