मैंने मन में इस पारी की कल्पना की थी और ऐसा ही हुआ : अभिषेक शर्मा

Follow Us

वेलिंग्टन। अक्टूबर (वार्ता) भारत की जबरदस्त जीत में अपने तूफानी शतक से प्लेयर ऑफ द मैच बने अभिषेक शर्मा ने कहा कि उन्होंने मन में इस पारी की कल्पना की थी और ऐसा ही हुआ । अभिषेक ने मैच के बाद बड़े शॉट खेलने के बारे में पूछने पर कहा, ”इसकी वजह बहुत सीधी थी। मैं और वैभव सूर्यवंशी अपने खेल का लुत्फ़ उठा रहे थे। फ़ील्डिंग करते समय हमने देखा था कि गेंद में थोड़ा ज़्यादा उछाल मिल रहा है और मैदान का एक तरफ़ का हिस्सा छोटा है, जहां हम टारगेट कर सकते हैं। वैभव ने अच्छी शुरुआत की और हमने वहीं से अपनी पारी को आगे बढ़ाया।यह इतना आसान नहीं है, लेकिन सब कुछ तैयारी पर निर्भर करता है। इसके लिए हमारे कोचिंग स्टाफ़ और थ्रोडाउन करने वाले गेंदबाज़ों को बहुत श्रेय जाता है। कल हमारा अभ्यास सत्र अच्छा रहा था और मैं उसका फ़ायदा उठाना चाहता था। मैंने मन में इस पारी की कल्पना की थी और ऐसा ही हुआ।”

सोशल मीडिया पर युवराज की उस मज़ाकिया टिप्पणी पर कि अभिषेक ने अब तक 12 गेंदों में अर्धशतक नहीं लगाया है, इस बारे में पूछने पर अभिषेक ने कहा, ”मैंने पहले भी इस बारे में कहा है। मुझे नहीं पता कि उस समय वह किस तरह की क्रिकेट खेल रहे थे (हंसते हैं)। अगर कोई इस तरह बल्लेबाज़ी करने उतरता है, तो यह आसान नहीं होता। 12 गेंदों में अर्धशतक लगाना आसान नहीं है। लेकिन हम इस बारे में नहीं सोचते। हम बस अपनी टीम को मैच जिताना चाहते हैं।भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा, ”यह सब देखना बहुत अच्छा लग रहा था। जब मैं और संजू बल्लेबाज़ी करने उतरे, तब गेंद स्विंग हो रही थी। हम सोच रहे थे कि इन दोनों (ओपनरों) ने ऐसा कैसे कर लिया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पांच ओवर में 100 रन बनते मैंने पहले कभी नहीं देखे।

(बिना डर के खेलने पर) श्रेयस ने कहा,”यह बहुत ज़रूरी है। विदेश में खेलने पर आपको कड़ी चुनौती मिलेगी। जहां खिलाड़ियों ने अच्छा किया है, उन्हें उसका श्रेय मिलना चाहिए। दोनों ने जिस तरह बल्लेबाज़ी की, वह शानदार थी। अभी दो मैच और बचे हैं। उम्मीद है कि वे इसी फ़ॉर्म को जारी रखेंगे। यात्रा और जेट लैग के बावजूद खिलाड़ियों ने जिस तरह प्रदर्शन किया, उससे मैं बहुत ख़ुश हूं। यह सच में हैरान करने वाला है। उन्होंने कहा, ”जब हमने तेज़ गेंदें या फुल लेंथ गेंदें डालीं, तो बहुत रन गए। इसलिए मैंने गेंदबाज़ों से यॉर्कर डालने को कहा। इससे हम रन रेट को 10 रन प्रति ओवर से नीचे रखने में कामयाब रहे। हमारी योजना उन्हें 200 रन के अंदर रोकने की थी।’