रायपुर। छत्तीसगढ़ में सड़कों की स्थिति और मरम्मत कार्यों को लेकर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य की सड़कों पर बने गड्ढों, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की कार्यप्रणाली पर चिंता जताते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने 15 अक्टूबर तक सड़कों की मरम्मत पूरी करने के लिए तय की गई समय-सीमा का हवाला देते हुए पूछा कि इस दिशा में अब तक कितनी प्रगति हुई है।
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि राजधानी रायपुर से लेकर बस्तर और सरगुजा सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों की खराब स्थिति के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की कमी और ठेकेदारों की जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठाए। कांग्रेस अध्यक्ष का कहना है कि सड़कों के निर्माण और मरम्मत में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता की नियमित जांच होनी चाहिए, ताकि कम समय में सड़कें खराब होने की समस्या से बचा जा सके।
बैज ने कहा कि खराब सड़कों का असर केवल आम नागरिकों के आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे व्यापार, परिवहन और आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित होती हैं। गड्ढों के कारण वाहन चालकों को दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, वहीं वाहनों के रखरखाव पर अतिरिक्त खर्च भी बढ़ता है। उन्होंने सड़क निर्माण और मरम्मत के लिए जारी राशि के उपयोग तथा कार्यों की निगरानी व्यवस्था को लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सड़क निर्माण में कथित अनियमितताओं और कमीशनखोरी के आरोप लगाते हुए संबंधित कार्यों की जांच कराने की आवश्यकता भी जताई। उन्होंने सवाल किया कि यदि सड़कें बनने के कुछ समय बाद ही खराब हो रही हैं, तो इसके लिए जिम्मेदार ठेकेदारों और अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई है। साथ ही, उन्होंने मरम्मत कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
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कांग्रेस ने अपनी पूर्ववर्ती सरकार के दौरान ग्रामीण और शहरी सड़कों के सुदृढ़ीकरण के लिए किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया। पार्टी का कहना है कि बेहतर सड़कें विकास, व्यापार और आम लोगों की सुविधाओं के लिए जरूरी हैं तथा इस दिशा में गुणवत्ता और निगरानी को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। सड़कों की स्थिति को लेकर उठे इस मुद्दे पर अब मरम्मत कार्यों की वास्तविक प्रगति, निर्धारित समय-सीमा के पालन और निर्माण की गुणवत्ता महत्वपूर्ण हैं।
संबंधित विभाग की ओर से सड़कवार मरम्मत की स्थिति, खर्च और गुणवत्ता जांच की जानकारी सामने आने से यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रदेश में सड़क सुधार के लिए किए जा रहे प्रयास कितने प्रभावी रहे हैं। कांग्रेस द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
