■ आदर्श रामलीला नाटक मंडली भाटापारा के 107वें वर्ष के मंचन का शुभारंभ
■ प्रथम दिवस मुकुट व गणेश पूजन के साथ नाटक शब्दभेदी बाण और पुत्रधर्म का हुआ मार्मिक मंचन
भाटापारा। आदर्श रामलीला नाटक मंडली भाटापारा के 107 वें वर्ष के मंचन का शुभारंभ हुआ। प्रथम दिवस गणेश व मुकुट पूजन और उसके बाद मार्मिक श्रवण प्रसंग पर आधारित नाटक शब्दभेदी और पुत्रधर्म का हुआ मंचन । नाटक का उद्देश्य माता पिता की सेवा और बच्चो के लिए पुत्रधर्म की शिक्षा देना रहा। श्रवण की भूमिका में हर्ष गुप्ता ने दमदार अभिनय किया वही अंधे माता पिता की भूमिका में कोमल शर्मा और जगदीश वैष्णव ने मार्मिक अभिनय से दर्शकों के आंखों में आँशु ले आये । दशरथ में लव शर्मा, नारद आदित्य सोनी, केशरी सिंह आयुष तिवारी, एवँ अन्य किरदारों में धरमपाल सोनी, शुभ केशरवानी, नमन मल, आरव, रोशन, लक्की, वाशु, मुकुल, गब्बर ने अपने अदाकारी के कौशल का बखूबी परिचय दिया। नाटक देख दर्शक मंत्रमुग्ध हुए ।
अतिथियों ने रामलीला की परंपरा पर प्रसन्नता जताई
शुभारंभ पूजन के मुख्य यजमान वरिष्ठ पत्रकार संतोष अग्रवाल, संरक्षक आदर्श रामलीला नाटक मंडली के करकमलों से सम्पन्न हुआ। भगवान विष्णु जी की आरती में सर्व विप्र समाज के प्रतिनिधि उपस्थित हुए। जिनमें प्रमुख रूप से अटल त्रिवेदी, शरद भृगु, सुनील दुबे, सत्यनारायण जोशी, संतोष पुरोहित, विजय शर्मा, परमेंद्र तिवारी, अशोक तिवारी, मनीष शुक्ला, नरेश चौबे, संजय सिंह ठाकुर,विकास सिंह ठाकुर, राजेश सिंह एवं पार्षद नंद किशोर वैष्णव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
सरयूपारीण ब्राम्हण समाज के अध्यक्ष सुनील दुबे, रामलीला संरक्षक सत्यनारायण जोशी ने रामलीला की प्रशंसा की व समाज की तरफ से बहुत शुभकामनाएं दीं। नरेश चौबे ने अभिभावकों से निवेदन कर अपने बच्चों को रामलीला में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। रामलीला के वरिष्ठ सदस्य बजरंग चौरसिया ने 107 वर्षों तक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से कार्य करने वाले सभी लोगों के प्रति हार्दिक अभिनंदन एवं आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन पूर्वजों की मेहनत के कारण ही यह मंचन आज इस मुकाम तक पहुंचा है।

