विधानसभा में हंगामा, जमीन आवंटन और शिक्षा मुद्दों पर विपक्ष का वॉकआउट

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रायपुर। रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा का सत्र आज हंगामेदार रहा, जहां विपक्ष ने कई मुद्दों पर सरकार को घेरा और आखिरकार असंतुष्ट होकर वॉकआउट कर दिया। कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह ने बालोद में हुए जंबूरी कार्यक्रम में अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि टेंडर प्रक्रिया से पहले काम कैसे शुरू हुआ और इतने कम समय में पूरा कैसे हो गया। इस पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने जवाब देते हुए कहा कि अलग-अलग स्तर पर कार्य हुए और प्रक्रिया के तहत ही काम किया गया, लेकिन विपक्ष उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ।

सदन में स्कूलों के युक्तियुक्तकरण का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। भाजपा विधायक सुनील सोनी ने खाली पड़े स्कूल भवनों के उपयोग और उनकी जर्जर स्थिति पर सवाल खड़े किए। मंत्री ने बताया कि अधिकांश स्कूलों को मर्ज कर दिया गया है और शेष भवनों के उपयोग के लिए योजना बनाई जा रही है। वहीं, अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण को लेकर भी तीखी बहस हुई। सरकार ने स्पष्ट किया कि फिलहाल नियमितीकरण की कोई योजना नहीं है, जिस पर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया।

सबसे ज्यादा हंगामा उद्योगों को कम दर पर जमीन आवंटन को लेकर हुआ। विपक्ष ने आरोप लगाया कि 253 एकड़ जमीन बेहद कम कीमत पर 99 साल की लीज पर दी गई है। इस पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि जमीन का आवंटन पूरी तरह नियमों और औद्योगिक नीति के तहत किया गया है और इसका उद्देश्य सौर ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देना है। बावजूद इसके, विपक्ष ने इसे सरकार की नीतियों पर सवाल बताते हुए सदन में नारेबाजी की।

लगातार हंगामे और जवाबों से असंतुष्ट विपक्ष ने अंततः सदन से वॉकआउट कर दिया। पूरे घटनाक्रम ने सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव को एक बार फिर उजागर कर दिया है।