सियासी हलचल: बंगाल में नए नेतृत्व की तैयारी, असम में हिमंत की फिर से ताजपोशी; कई राज्यों में विस्तार की सुगबुगाहट

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नई दिल्ली। आजाद भारत के इतिहास में पहली बार पश्चिम बंगाल में कमल खिलाने में कामयाब हुई भाजपा की नई सरकार का शपथ ग्रहण नौ मई को होगा। पार्टी शपथ समारोह से राज्य में नया सवेरा एवं बंगाल की संस्कृति से सीधा जुड़ने का संदेश भी देगी। दरअसल भाजपा के लिए बंगाल की क्या अहमियत है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नए मुख्यमंत्री के चयन के लिए होने वाली विधायक दल की बैठक के लिए गृह मंत्री अमित शाह को मुख्य केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। पार्टी की प्रचंड जीत के सूत्रधार माने जाने वाले शाह के साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी सह पर्यवेक्षक होंगे। सूत्रों के अनुसार, चुनाव के दौरान पार्टी का चेहरा रहे शुभेंदु अधिकारी ही नए मुख्यमंत्री होंगे। विधायक दल की बैठक बृहस्पतिवार तक हो सकती है। आपको बता दें की कभी ममता बनर्जी के सबसे नजदीकी और तृणमूल कांग्रेस में नंबर दो की हैसियत रखने वाले शुभेंदु को राज्य की व्यापक भौगोलिक व प्रशासनिक समझ है। बीते चुनाव में नंदीग्राम में ममता को हरा कर चर्चा में आने वाले शुभेंदु ने इस बार भी ममता को करारी शिकस्त दी है। चुनाव में नेतृत्व ने नंदीग्राम के साथ उन्हें ममता के खिलाफ भवानीपुर से भी मैदान में उतारकर पार्टी का चेहरा बनाने का संकेत दिया गया था। भाजपा ने विधानसभा की 293 में से 207 सीटें जीती हैं, जबकि तृणमूल 80 सीटों पर सिमट गई। यह स्थिति 2021 के लगभग उलट है, जब तृणमूल कांग्रेस ने 215 और भाजपा ने 77 सीटें जीती थीं।

वहीं तृणमूल कांग्रेस के बंगाली अस्मिता के मुद्दे की प्रभावी रूप से हवा निकालने के लिए भाजपा ने शपथ ग्रहण के लिए रवींद्रनाथ टैगौर की 165वीं जयंती को चुना है। इस दिन 25वां वैशाख है, जो बंगाली कैलेंडर के मुताबिक टैगोर जयंती है। हालांकि अंग्रेजी भाजपा कार्यालय में सीएम पद कैलेंडर के हिसाब से उनकी के दावेदार शुभेदु अधिकारी जयंती 7 मई को होती है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, बंगाल सरकार का शपथ समारोह खुले मैदान में होगा, जिसमें प्रधानमंत्री, एनडीए व भाजपा के सभी मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री शामिल होंगे। दो दर्जन मंत्री भी शपथ लेंगे। असम में भाजपा की जीत की हैट्रिक में अहम भूमिका निभाने वाले सीएम हिमंत बिस्व सरमा फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे। उनके नाम पर नेतृत्व में सहमति बन गई है। जेपी नड्डा को केंद्रीय पर्यवेक्षक व हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी को सह पर्यवेक्षक बनाया गया है। माना जा रहा है, असम में सरकार गठन 10 मई के बाद होगा। बंगाल की राजारहाट सीट भाजपा के पीयूष कनोडिया ने 316 वोट से जीत ली। 17वें दौर में 323 वोट से तृणमूल के तपस चटर्जी आगे थे। आपत्ति पर गणना रोक दी गई थी। भाजपा की 207 सीटें हो गई। तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के नेता चंद्रशेखर जोसफ विजय सात मई को तमिलनाडु के नए सीएम के तौर पर शपथ लेंगे शपथ समारोह चेन्नई के जेएलएन स्टेडियम में होने की उम्मीद है। विजय ने राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया और बहुमत साबित करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा है। टीवीके 234 सदस्यीय सदन में बहुमत के आंकड़े 118 से 10 सीट पीछे है। एमके स्टालिन ने सीएम पद से अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया, जिसे मंजूर कर लिया गया।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर राहुल गांधी की मौजूदगी में हुई बैठक के बाद महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा, विजय ने उनसे समर्थन मांगा है। इस पर निर्णय राज्य इकाई लेगी। हम भाजपा को सरकार में शामिल नहीं होने दे सकते। द्रमुक के प्रवक्ता सर्वानंद अन्नादुर ने कांग्रेस के इस फैसले को पीठ में छुरा घोंपना बताया है। उन्होंने कहा, कांग्रेस हमारी सहयोगी होने के कारण ही पांच सीटें जीत पाई। असम में नई सरकार के गठन के बाद इसी महीने यू में भी योगी यू मंत्रिमंडल का अंतिम विस्तार होगा। सूत्रों के मुतबिक, इसमें संभवतः सिर्फ छह खाली पद ही भरे जाएंगे। भाजपा और जदयू ने बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार का फॉर्मूला तय कर लिया है। सम्राट चौधरी कैबिनेट के अन्य मंत्री सात मई को शपथ लेंगे। दूसरी ओर, मध्य प्रदेश में भी मंत्रिमंडल के विस्तार की अटलकले तेज हो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्यमंत्री मोहन लाल यादव अपने मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड लेने जा रहे हैं और इसके लिए 8 से 10 मई तक विभागवार समीक्षा बैठकें हो सकती हैं। इन समीक्षा बैठको में मंत्री अपने काम की जानकारी देंगे। इसे मंत्रिमंडल के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है। राज्य में अभी चार मंत्री पद खाली हैं।