कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा कोतवाली पुलिस ने लिव-इन पार्टनर को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में महिला अमीना ताज को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस जांच में यह बात उजागर हुई है कि प्रताड़ना और दबाव से तंग आकर युवक ने यह आत्मघाती कदम उठाया था।
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धर्मांतरण और झूठे मुकदमे का दबाव:
जांच में सामने आया है कि मृतक आलोक दुबे लगभग चार वर्षों से आरोपी अमीना ताज के साथ लिव-इन रिलेशन में रह रहा था। आरोपी महिला लगातार युवक पर मुस्लिम धर्म स्वीकार करने और मुस्लिम रीति-रिवाज से विवाह करने का दबाव बना रही थी। बात न मानने पर आरोपी ने युवक को बलात्कार के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। इसी लगातार मिल रही धमकी और दबाव से व्यथित होकर आलोक दुबे ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
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साक्ष्यों की जब्ती और पुलिस कार्रवाई:
यह पूरा मामला 29 जुलाई का है, जब पुलिस को आलोक दुबे द्वारा आत्महत्या किए जाने की जानकारी प्राप्त हुई थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। मर्ग जांच के दौरान पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वैज्ञानिक अधिकारी की रिपोर्ट और परिजनों तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए। साक्ष्य जुटाने के क्रम में पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन व लैपटॉप जब्त किया। इसके साथ ही आरोपी महिला के पास से तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए। जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 23 सितंबर को अपराध पंजीबद्ध किया और 24 सितंबर को आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया।
