एससी, एसटी, ओबीसी और महिलाओं की सामाजिक न्याय, और उचित प्रतिनिधित्व की मांग को लेकर भीम आर्मी ने किया प्रदर्शन

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संपूर्ण भागीदारी आंदोलन: भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन,

रायपुर। राजधानी रायपुर में गुरुवार को आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी द्वारा देशभर में चलाए जा रहे “संपूर्ण भागीदारी आंदोलन” के तहत
एससी, एसटी, ओबीसी और महिलाओं की सामाजिक न्याय, और उचित प्रतिनिधित्व की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया। भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष देवेंद्र मैरिसा ने बताया कि संविधान समानता और समान अवसर का अधिकार देता है, इसके बावजूद एससी, एसटी और ओबीसी महिलाओं सहित वंचित वर्गों को शिक्षा, रोजगार, राजनीति, प्रशासन और न्यायपालिका में उचित भागीदारी नहीं मिल पाई है। आरक्षण को आर्थिक आधार नहीं, बल्कि सामाजिक भेदभाव और अपर्याप्त प्रतिनिधित्व को दूर करने का संवैधानिक माध्यम होना चाहिए। इसके प्रभावी पालन की हम मांग करते है।

संघ के कार्यकर्ताओं के द्वारा रैली निकालकर प्रदर्शन करते हुए, दोपहर को राजभवन की और कूच किए। जिसे मोती बाग गार्डन के पास पुलिस ने रोका, जिसके बाद अधिकारियों को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। अपनी मांगों को लेकर उन्होंने नारे भी लगाए। साथ ही सीवर-सेप्टिक टैंक में मानव प्रवेश पूरी तरह बंद कर मशीनों से सफाई, सफाई के दौरान मृत्यु पर 30 लाख मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और पुनर्वास, अल्पसंख्यक धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा और अल्पसंख्यक छात्रों की छात्रवृत्ति को पुनः नियमित करने की मांग की गई है।

प्रमुख मांगे
प्रमुख मांगों में महिला आरक्षण अधिनियम-2023 में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण, दलित-आदिवासी-पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए कोटे के अंदर कोटा, स्थानीय निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण, मीडिया संस्थानों में वंचित समाजों की पर्याप्त भागीदारी, सफाईकर्मियों की आउटसोर्सिंग समाप्त कर स्थायी नियुक्ति, रिक्त पदों पर बैकलॉग भर्ती, सम्मानजनक वेतन, सामाजिक सुरक्षा और पेंशन शामिल है।