भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना को दिल्ली में मिला हाईएस्ट शुगर रिकवरी का नेशनल अवॉर्ड
कवर्धा। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना, कवर्धा ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के लिए “हाईएस्ट शुगर रिकवरी इन अदर एरिया” का नेशनल एफिशिएंसी अवॉर्ड प्राप्त किया है। छत्तीसगढ़ के लिए यह विशेष गौरव का अवसर है कि राज्य में पहली बार किसी सहकारी शक्कर कारखाने को इस श्रेणी में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर, 15 जनपथ में नेशनल को-ऑपरेटिव शुगर फेडरेशन द्वारा वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के लिए भव्य नेशनल एफिशिएंसी अवॉर्ड समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। विशिष्ट अतिथियों के रूप में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर सहित विभिन्न राज्यों के सहकारिता मंत्री उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ के सहकारिता मंत्री केदार कश्यप भी विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए।
नेशनल को-ऑपरेटिव शुगर फेडरेशन देश के सहकारी शक्कर कारखानों का राष्ट्रीय संगठन है, जिसमें विभिन्न राज्यों के स्टेट फेडरेशन तथा 260 से अधिक सहकारी शक्कर कारखाने सदस्य हैं। फेडरेशन सहकारी शक्कर कारखानों एवं उनसे जुड़े गन्ना उत्पादक किसानों के हितों से संबंधित विषयों पर कार्य करता है। नीतिगत एवं तकनीकी विषयों पर भारत सरकार को सुझाव देने के साथ ही सहकारी शक्कर कारखानों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करना भी इसके प्रमुख कार्यों में शामिल है।
समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने किसानों की समृद्धि में शक्कर कारखानों के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए शक्कर कारखानों के सह-उत्पादों के अधिकतम उपयोग और उनके वैल्यू एडिशन पर विशेष जोर दिया।
लगातार दो वर्षों के लिए मिला राष्ट्रीय सम्मान
समारोह में भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना, कवर्धा को वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के लिए “हाईएस्ट शुगर रिकवरी इन अदर एरिया” का नेशनल अवॉर्ड केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के सहकारिता मंत्री केदार कश्यप भी उपस्थित रहे। अकारखाने की ओर से यह प्रतिष्ठित पुरस्कार आयुक्त सहकारिता, छत्तीसगढ़ रमेश शर्मा, सहकारिता विभाग के ओएसडी युगल किशोर, कारखाने के प्रबंध संचालक, महाप्रबंधक एवं इंजीनियर द्वारा संयुक्त रूप से ग्रहण किया गया।
उल्लेखनीय है कि भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना, कवर्धा स्थापना के समय से ही क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। कारखाना गन्ना उत्पादक किसानों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ-साथ गन्ना विकास, उन्नत कृषि तकनीक, प्रशिक्षण एवं किसान कल्याण की विभिन्न गतिविधियों का संचालन भी कर रहा है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में विगत दो वर्षों की प्रमुख उपलब्धियां
1. लगभग 5 हजार नए गन्ना किसानों को कारखाने की सदस्यता
गन्ना उत्पादक किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए कई वर्षों बाद कारखाने में गन्ना आपूर्ति करने वाले लगभग 5 हजार नए गन्ना उत्पादक किसानों को शेयर प्रदान कर कारखाने की सदस्यता दी गई। इससे बड़ी संख्या में नए किसान सीधे कारखाने की सहकारी व्यवस्था से जुड़े हैं।
2. शेयरधारक किसानों को रियायती दर पर शक्कर
भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना द्वारा शेयरधारक किसानों को रियायती दर पर शक्कर उपलब्ध कराने का यह लगातार तीसरा वर्ष है। योजना के अंतर्गत शेयरधारक किसानों को 30 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर से 50 किलोग्राम शक्कर उपलब्ध कराई जाती है।
3. जैविक खाद के लिए रियायती दर पर प्रेसमड
कारखाने से जुड़े शेयरधारक गन्ना किसानों को जैविक खाद के रूप में उपयोग के लिए प्रेसमड भी रियायती दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। किसानों को 1,000 रुपये प्रति ट्रैक्टर की रियायती दर पर प्रेसमड दिया जाता है।
4. गन्ना किसानों के लिए शैक्षणिक भ्रमण एवं प्रशिक्षण
गन्ना किसानों को आधुनिक एवं उन्नत गन्ना उत्पादन तकनीकों से परिचित कराने के लिए कारखाना समय-समय पर शैक्षणिक भ्रमण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है। किसानों को उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र एवं गुजरात जैसे प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में अध्ययन एवं प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है।
इसके अंतर्गत किसानों को गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ, वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट, पुणे तथा कृषि विज्ञान केंद्र, बारामती जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में गन्ने की उन्नत खेती की तकनीकों का प्रशिक्षण दिलाया जाता है। इसके अतिरिक्त देश के विभिन्न हिस्सों से गन्ना उत्पादन एवं अनुसंधान से जुड़े वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों को सेमिनार तथा क्षेत्रीय अध्ययन के लिए आमंत्रित किया जाता है।
5. उन्नत प्रजाति के गन्ना बीज एवं पौध का रियायती दर पर वितरण
क्षेत्र में गन्ने की उत्पादकता एवं गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से कारखाना गन्ना विकास की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। इसके अंतर्गत वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट, पुणे सहित महाराष्ट्र के प्रमुख गन्ना उत्पादक क्षेत्रों से उन्नत प्रजाति के गन्ना बीज एवं पौध मंगाकर किसानों को रियायती दर पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इस वर्ष कारखाने के प्रयास से लगभग 1,000 एकड़ क्षेत्र में नई एवं उन्नत प्रजातियों के गन्ने का रोपण कराया गया है। इसके साथ ही कारखाना परिसर की उपलब्ध अतिरिक्त भूमि में लगभग 10 एकड़ क्षेत्र में डेमोंस्ट्रेशन प्लॉट विकसित किए गए हैं, जहां उन्नत गन्ना प्रजातियों का प्रदर्शन किया जा रहा है। इससे स्थानीय किसान नई प्रजातियों के उत्पादन एवं परिणामों को प्रत्यक्ष रूप से देखकर उन्हें अपनाने के संबंध में निर्णय ले सकेंगे।
6. कर्मचारी एवं श्रमिक कल्याण की पहल
कारखाने से जुड़े कर्मचारियों एवं श्रमिकों के कल्याण के लिए भी विभिन्न पहल की गई हैं। श्रम विभाग के सहयोग से कारखाना परिसर में मुख्यमंत्री श्रम अन्न योजना के अंतर्गत कैंटीन स्थापित की गई है, जहां श्रमिकों को मात्र 5 रुपये प्रति थाली की दर से गर्म भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इसके अतिरिक्त शासन के निर्देशानुसार कर्मचारियों एवं श्रमिकों के स्वास्थ्य की नियमित जांच के लिए समय-समय पर हेल्थ चेकअप कैंप एवं अन्य कल्याणकारी गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।
राष्ट्रीय पुरस्कार से गन्ना उत्पादक किसानों और कर्मचारियों का बढ़ा उत्साह
लगातार दो वर्षों के लिए हाईएस्ट शुगर रिकवरी का राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने से भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना से जुड़े गन्ना उत्पादक किसानों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों में उत्साह है।
