दिल्ली। सत्य निकेतन में पीजी की इमारत ढहने की घटना के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने राजधानी में खतरनाक, जर्जर और अनधिकृत इमारतों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी अभियान के तहत बुधवार को निगम ने 34 इमारतों को ध्वस्त किया, जबकि 17 संपत्तियों को सील किया गया। इसके अलावा 22 इमारतों के मालिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
MCD के इस अभियान का उद्देश्य ऐसी इमारतों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करना है, जो जर्जर, खतरनाक या भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन कर बनाई गई हैं। सत्य निकेतन में पीजी भवन हादसे के बाद राजधानी में ऐसी इमारतों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। इसके बाद निगम ने विभिन्न इलाकों में निरीक्षण और कार्रवाई का अभियान शुरू किया।
सत्य निकेतन में सटे पीजी पर चला MCD का बुलडोजर
नगर निगम ने बुधवार को सत्य निकेतन में हादसे वाली इमारत से सटे छात्राओं के पांच मंजिला पीजी को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की। निगम की टीम ने पूरे दिन की कार्रवाई के बाद पीजी की एक मंजिल को ही तोड़ पाया। सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। आसपास के रास्तों को बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया गया।सुरक्षा को देखते हुए घटनास्थल से सटे अन्य पीजी और फ्लैटों को भी खाली कराया गया। निगम की टीम ने गीता कॉलोनी में जर्जर मकानों तथा परमपुरी और लक्ष्मी नगर में निर्माणाधीन अवैध इमारतों के खिलाफ भी कार्रवाई की। इस दौरान कई संपत्तियों को ध्वस्त किया गया और नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई।निगम के मुताबिक, 17 संपत्तियों को सील किया गया, जबकि चार संपत्तियों के ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए गए।
कोरबा में घर बनाने को लेकर विवाद, पति ने सीमेंट के डम्बल से पत्नी को पीटकर मार डाला
6 सितंबर को हुआ था पीजी हादसा
सत्य निकेतन में 6 सितंबर को पांच मंजिला पीजी भवन ढहने से सात छात्रों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद पास में स्थित छात्राओं के पीजी की दीवारों में भी कई जगह दरारें मिली थीं। सुरक्षा के मद्देनजर पीजी को खाली कराया गया और उसे खतरनाक घोषित करते हुए ध्वस्त करने का आदेश जारी किया गया।करीब 100 गज के दो भूखंडों को जोड़कर बनाए गए इस पीजी के भूतल पर दुकानें थीं, जबकि ऊपर की चार मंजिलों में छात्राएं रहती थीं। इमारत की जर्जर स्थिति को देखते हुए निगम ने इसे ध्वस्त करने का फैसला लिया।
चार दिन में पूरा हो सकता है ध्वस्तीकरण
नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद निगम ने बुधवार को पीजी के ध्वस्तीकरण का काम शुरू किया। निगम की टीम ने पहले पांचवीं मंजिल को तोड़ा और इसके बाद चौथी मंजिल पर कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों के अनुसार, नीचे की दो मंजिलों को बुलडोजर की मदद से गिराया जाएगा।निगम सूत्रों के मुताबिक, पूरी इमारत को ध्वस्त करने में करीब चार दिन का समय लग सकता है। कार्रवाई के दौरान आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न हो।
उत्तम नगर, गीता कॉलोनी और लक्ष्मी नगर में भी कार्रवाई
MCD ने उत्तम नगर के परमपुरी इलाके में पांच मंजिला अवैध इमारत को ध्वस्त किया। इस इमारत में फ्लैट बने हुए थे। वहीं, गीता कॉलोनी के ए-2 ब्लॉक में चार मंजिला जर्जर मकान को तोड़ा गया। यह मकान पिछले कई महीनों से आगे की ओर झुका हुआ था और इसे सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक माना गया था।वेस्ट जोन के दीप एन्क्लेव पार्ट-2 में भी जर्जर इमारत के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। इसके अलावा लक्ष्मी नगर में अवैध निर्माण के आरोप में एक इमारत को गिराया गया।निगम की कार्रवाई प्रेस नगर, कला महल और जामा मस्जिद इलाके तक भी पहुंची। यहां चार इमारतों को ध्वस्त किया गया। वहीं, न्यू अशोक नगर में नियमों का उल्लंघन करने वाली दो अवैध इमारतों को सील कर दिया गया।
