बिलासपुर। केंद्रीय जेल बिलासपुर में बंदियों के आध्यात्मिक एवं मानसिक उत्थान, सकारात्मक सोच विकसित करने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोडऩे के उद्देश्य से ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा विशेष आध्यात्मिक एवं प्रेरणात्मक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बंदियों को आत्मचिंतन, मानसिक शांति और बेहतर जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान ब्रह्माकुमारी संस्था की ब्रह्माकुमारी संतोषी एवं ब्रह्माकुमारी मनस्वी ने बंदियों को सकारात्मक सोच, तनावमुक्त जीवन, आत्मविश्वास, संयम और अच्छे विचारों के महत्व के बारे में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, सकारात्मक दृष्टिकोण और आत्मविश्वास के साथ व्यक्ति अपने जीवन में बदलाव ला सकता है।
इस दौरान बंदियों को क्रोध, तनाव, नकारात्मक विचारों और बुरी आदतों से दूर रहने तथा अनुशासित एवं सदाचारी जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें अपने अतीत की गलतियों से सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाने और जेल से बाहर निकलने के बाद समाज में जिम्मेदार नागरिक के रूप में पुन: स्थापित होने का संदेश भी दिया गया।
कार्यक्रम में करीब 100 बंदियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और आध्यात्मिक एवं प्रेरणात्मक विचारों को ध्यानपूर्वक सुना। आयोजन के माध्यम से बंदियों को मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने के साथ जीवन में अच्छे विचार एवं व्यवहार अपनाने की प्रेरणा मिली। जेल प्रशासन ने ब्रह्माकुमारी संस्था के प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के रचनात्मक और आध्यात्मिक कार्यक्रम बंदियों के सुधार, पुनर्वास और व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे आयोजनों से बंदियों में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है और उन्हें अपराधमुक्त एवं बेहतर जीवन की दिशा में आगे बढऩे के लिए प्रेरणा मिलती है।
