नई दिल्ली। एशियाई खेलों में पीवी सिंधू की फिजियो हीरा तो पहलवानों को तीन विदेशी प्रशिक्षकों को खेल मंत्रालय और साई के हस्तक्षेप पर अंतिम क्षणों में एशियाड के दल में जगह मिली है। कोच जसपाल राणा के निधन से टूटीं निशानेबाज मनु भाकर की पिता रामकिशन भाकर का सहारा देने की मांग को मंजूरी नहीं दी गई है।
77 सदस्यीय एथलेटिक्स दल का सपोर्ट स्टाफ भी 23 से बढ़कर 31 हो गया। 244 सदस्यीय सपोर्ट स्टाफ, 33 फिजियोथेरेपिस्ट, 22 डॉक्टर, वीडियो एनालिस्ट, 10 मालिशिए व तीन साइकोलॉजिस्ट हैं। टेटे खिलाड़ी सुतीर्था मुखर्जी, लांग जंपर शाहनवाज खान, एंसी सोजन खिलाडि़यों की मांग पर उनके निजी प्रशिक्षकों को भी अंतिम क्षणों में जगह मिली है।
जापानी कोच होंगी पहलवानों के साथ
पीवी सिंधू ने एशियाई खेलों में अपनी फिजियो हीरा मुंदलुरु को ले जाने की गुहार लगाई थी। बैडमिंटन महासंघ ने नाम नहीं भेजा था, पर साई ने सिंधू की गुहार मान ली। कुश्ती महासंघ ने महिला विदेशी कोच जापान की कोसेई अकाइशी, ग्रीको रोमन कोच रूस के गोगी कोगुआशविली, फ्रीस्टाइल कोच शाको बेंटिनिडिस का नाम शामिल नहीं किया था, पर अब ये सूची में हैं। टेबल टेनिस खिलाड़ी पायस जैन, सिंड्रेला दास और सुतीर्था मुखर्जी ने निजी कोच सौम्यदीप रॉय का साथ मांगा था। इसे मंजूर कर लिया गया। शाहनवाज के कोच भूपिंदर सिंह और एंसी सोजन के कोच अनूप जोसेफ को भी दल में जगह मिली है।
अंजू बॉबी जॉर्ज को नहीं माना टीम लीडर
जसपाल के निधन के बाद पहले बड़े टूर्नामेंट में उतर रहीं मनु भाकर मानसिक मजबूती के लिए पिता का साथ चाहती थीं। आईओए ने रामकिशन भाकर का नाम उनके निजी कोच के रूप में रखा, जिसे मंत्रालय व साई ने खारिज कर दिया। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की वरिष्ठ उपाध्यक्ष अंजू बॉबी जॉर्ज को बतौर टीम लीडर मंजूरी नहीं मिली। इसमें मंत्रालय का नियम आड़े आ गया है। जसपाल राणा की शिष्या रहीं निशानेबाज ईशा सिंह के पिता सचिन सिंह को भी निजी प्रशिक्षक के रूप में मंजूरी नहीं मिली है।
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