रायपुर । राजधानी में स्वास्थ्य सेवाओं को बड़े अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों तक सीमित रखने के बजाय जरूरतमंद लोगों के मोहल्लों और घरों के करीब पहुंचाने की पहल अब व्यापक रूप ले रही है। शहर में संचालित 15 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के माध्यम से अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर नागरिकों को चिकित्सकीय परामर्श, स्वास्थ्य जांच, प्रयोगशाला जांच और आवश्यक दवाओं की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इन मोबाइल चिकित्सा इकाइयों के माध्यम से अब तक 16,88,768 लोगों की ओपीडी की जा चुकी है, जबकि 3,57,296 मरीजों के प्रयोगशाला परीक्षण किए गए हैं। इसके अलावा 14,83,515 लोगों को दवाओं का वितरण किया गया है। आंकड़े बताते हैं कि लोगों के नजदीक पहुंच रही स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ी संख्या में नागरिक लाभ उठा रहे हैं।
मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की व्यवस्था खास तौर पर उन परिवारों के लिए राहत लेकर आई है, जिनके लिए अस्पताल तक पहुंचना दूरी, समय और खर्च के कारण मुश्किल होता है। मजदूरों, बुजुर्गों, महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को छोटी स्वास्थ्य समस्या के लिए भी दूर अस्पताल जाने की जरूरत न पड़े, इसके लिए चिकित्सा दल अलग-अलग बस्तियों और जरूरतमंद क्षेत्रों में पहुंचकर उपचार और परामर्श उपलब्ध करा रहे हैं। इन इकाइयों में चिकित्सकीय जांच के साथ प्राथमिक उपचार, स्वास्थ्य संबंधी सलाह और आवश्यक दवाओं की सुविधा भी दी जा रही है।
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० महिलाओं के लिए विशेष पहल दाई-दीदी क्लीनिक
मोबाइल स्वास्थ्य सेवा की महत्वपूर्ण पहल दाई-दीदी क्लीनिक है, जिसे महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर संचालित किया जा रहा है। यहां महिला चिकित्सक, महिला औषधि वितरक, महिला प्रयोगशाला तकनीशियन और एएनएम सहित महिला स्वास्थ्यकर्मियों के माध्यम से सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इसका उद्देश्य महिलाओं को ऐसा सहज वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां वे बिना संकोच अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बता सकें और आवश्यक उपचार एवं परामर्श प्राप्त कर सकें। गर्भावस्था, स्त्री स्वास्थ्य, प्रजनन स्वास्थ्य और परिवार नियोजन से संबंधित प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं और परामर्श पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।
० इलाज के साथ जांच की सुविधा भी
मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की व्यवस्था में केवल चिकित्सकीय परामर्श ही नहीं, बल्कि आवश्यक प्रयोगशाला जांच को भी शामिल किया गया है। रायपुर में अब तक 3,57,296 से अधिक मरीजों के प्रयोगशाला परीक्षण किए जा चुके हैं। इससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान करने और चिकित्सकों को उपचार तय करने में मदद मिलती है। नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ रक्तचाप, रक्त शर्करा सहित अन्य प्राथमिक जांचों की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
० 14.83 लाख से अधिक लोगों को दवाओं का वितरण
चिकित्सकीय जांच और परामर्श के बाद मरीजों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराना भी मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की व्यवस्था का अहम हिस्सा है। अब तक 14,83,515 से अधिक लोगों को दवाएं वितरित की जा चुकी हैं। इससे उन परिवारों को विशेष राहत मिलती है, जिनके लिए उपचार के बाद दवाओं का खर्च भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन जाता है।
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० स्वास्थ्य सेवा मरीज तक पहुंचे की दिशा में प्रयास
15 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के माध्यम से शहर के अलग-अलग क्षेत्रों और जरूरतमंद बस्तियों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल लोगों को अस्पताल तक पहुंचाना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवा को लोगों के करीब ले जाना है। घर के नजदीक इलाज, जांच और दवाओं की सुविधा मिलने से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान हो रही है।
० आंकड़ों में रायपुर की मोबाइल स्वास्थ्य सेवा
15 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं संचालित की जा रही हैं। इनके जरिए अब तक 16,88,768 कुल ओपीडी, 3,57,296 मरीजों के प्रयोगशाला परीक्षण और 14,83,515 लोगों को दवा वितरण किया जा चुका है। ये आंकड़े बताते हैं कि मोबाइल चिकित्सा व्यवस्था के जरिए प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को नागरिकों के और करीब लाने का प्रयास बड़े स्तर पर किया जा रहा है। महिलाओं के लिए दाई-दीदी क्लीनिक जैसी विशेष पहल से इस व्यवस्था को और संवेदनशील बनाया गया है।
