नई दिल्ली। अगर आप प्रकृति, रोमांच और अनोखी संस्कृति का संगम देखना चाहते हैं, तो मेघालय आपके लिए बेहतरीन पर्यटन स्थल है। ‘बादलों का घर’ कहलाने वाला यह उत्तर-पूर्वी राज्य घने जंगलों, झरनों, पहाड़ियों और दुनिया के सबसे अधिक वर्षा वाले इलाकों के लिए मशहूर है। मौसिनराम और चेरापूंजी की बारिश जितनी प्रसिद्ध है, उतनी ही यहां की प्राकृतिक खूबसूरती भी पर्यटकों को आकर्षित करती है।
मेघालय की सबसे अनोखी पहचान नोंगरियाट गांव के लिविंग रूट ब्रिज हैं, जिन्हें रबर के पेड़ों की जीवित जड़ों से तैयार किया गया है। वहीं दावकी नदी का कांच जैसा साफ पानी ऐसा अहसास कराता है, मानो नाव हवा में तैर रही हो। राजधानी शिलॉन्ग को ‘स्कॉटलैंड ऑफ द ईस्ट’ कहा जाता है, जहां एलिफेंट फॉल्स, नोहकालिकाई फॉल्स और उमियाम झील पर्यटकों की पहली पसंद हैं। मावलिननॉन्ग गांव एशिया के सबसे स्वच्छ गांवों में गिना जाता है।
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यह राज्य सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता ही नहीं, बल्कि अपनी समृद्ध संस्कृति के लिए भी खास है। खासी, गारो और जयंतिया जनजातियां यहां की पहचान हैं, जबकि मातृसत्तात्मक समाज व्यवस्था मेघालय को भारत के अन्य राज्यों से अलग बनाती है। यहां के पारंपरिक त्योहार, लोकनृत्य और रंग-बिरंगे हस्तशिल्प इसकी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखते हैं।
खानपान की बात करें तो जादोह, दोह खलेह और तुंगरिम्बाई जैसी स्थानीय डिश पर्यटकों को अलग स्वाद का अनुभव कराती हैं। बांस और बेत से बने हस्तशिल्प भी यहां से यादगार खरीदारी का बेहतरीन विकल्प हैं। प्रकृति, संस्कृति और रोमांच का यह अनूठा मेल मेघालय को हर यात्री की ट्रैवल लिस्ट में खास जगह दिलाता है।
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