नीट यूजी और सीजीडीएमई काउंसलिंग में अनियमितता को लेकर प्रदर्शन

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  • एनएसयूआई ने थाली लेकर स्वास्थ्य मंत्री के बंगले का घेराव करने से पहले पुलिस ने रोका, एमबीबीएस अभ्यर्थी भी हुए शामिल

रायपुर। (तुमेश साहू) नीट यूजी और सीजीडीएमई काउंसलिंग की मेरिट सूची में पारदर्शिता और फर्जी दस्तावेजों के आरोप को लेकर एनएसयूआई ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। एमबीबीएस अभ्यर्थियों और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने अंबेडकर चौक से थाली बजाते हुए स्वास्थ्य मंत्री के निवास तक मार्च किया। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर कार्यकर्ताओं और छात्रों को उससे पहले ही रोक दिया। जिसके बाद मौके पर ही जमकर नारेबाजी हुई। बाद में एनएसयूआई प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य मंत्री के ओएसडी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।एनएसयूआई प्रतिनिधियों बताया कि वर्तमान मेरिट लिस्ट में कई सवाल हैं। पिछले साल 43,718 छात्र नीट में शामिल हुए, 22,261 योग्य हुए, इस साल 41,411 शामिल और 21,291 योग्य हुए, फिर भी एसटी में 782, एससी में 322 और ओबीसी में 409 छात्रों की वृद्धि कैसे हो गई, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।एनएसयूआई ने चेतावनी दी कि योग्य छत्तीसगढ़ के छात्रों के हित में पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

प्रमुख मांगें –
1. वर्तमान मेरिट सूची को प्रोविजनल माना जाए, दस्तावेज जांच के बाद फाइनल लिस्ट जारी हो।
2. मेरिट से पहले सभी के डोमिसाइल, जाति प्रमाण-पत्र का पूर्ण सत्यापन हो।
3. पिछले साल की तरह एनटीए की एलिजिबिलिटी शीट सार्वजनिक हो।
4. राउंड-1 से पहले गलत जानकारी वालों को अंतिम बार Withdrawal का मौका दिया जाए, फिर फर्जी दस्तावेज मिलने पर कड़ी कार्रवाई हो।
5. संदिग्ध छात्रों की सूची सौंपी गई है, पूरी मेरिट लिस्ट की सरकारी रिकॉर्ड से जांच हो।

पूरा मामला

राज्य नीट-यूजी 2026 की प्रथम चरण की मेरिट सूची को लेकर विवाद हो गया है। कुछ अभ्यर्थियों के नाम मध्य प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड की मेरिट या काउंसिलिंग सूची में भी दर्ज होने का दावा किया गया है। कुछ अभ्यर्थियों की जाति श्रेणी, डोमिसाइल और पहचान संबंधी विवरण में भी अंतर है। आशंका जताई जा रही है कि यदि दस्तावेज का सही सत्यापन नहीं हुआ, तो अपात्र अभ्यर्थियों को राज्य कोटे का लाभ मिल सकता है। चार राज्यों की सूची में प्रदेश के अभ्यर्थी प्रदेश की स्टेट रैंक सूची में शामिल नेविदिता मंडावी का नाम मध्य प्रदेश की काउंसिलिंग सूची में भी है। रिद्धि टांडी का नाम छत्तीसगढ़ की मेरिट सूची के अलावा ओडिशा संयुक्त प्रवेश परीक्षा (ओजेईई) की राज्य मेरिट सूची में भी है। ऐसे में अभ्यर्थियों के द्वारा जांच की मांग की जा रही है।

डोमिसाइल को लेकर कोई शंका होने पर जांच कराई जाएगी

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पूरे मामले को लेकर कहा है कि डोमिसाइल को लेकर अगर कहीं कोई शंका या शिकायत सामने आती है तो उसकी पूरी गंभीरता से जांच कराई जाएगी।व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और पुख्ता बनाया गया है। जिनके दस्तावेज सही हैं, उन्हें चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन अगर कहीं नियमों का उल्लंघन या फर्जीवाड़ा पाया गया तो उसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अफवाहों से बचें, पोर्टल पर करें शिकायत दर्ज

राज्य काउंसलिंग समिति ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि काउंसलिंग को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रम या भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें। किसी भी शंका, समस्या या शिकायत की स्थिति में अभ्यर्थी अधिकृत काउंसलिंग पोर्टल पर कैंडिडेट लॉगिन में उपलब्ध “कैंडिडेट्स ग्रीवांसेज एंड क्वेरी रिड्रेसल सिस्टम” के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, अथवा काउंसलिंग शाखा के ई-मेल*[email protected]** पर संपर्क कर सकते हैं।