नई दिल्ली। फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की उड़ान से जुड़े हालिया घटनाक्रम के बाद केंद्र सरकार देश के सभी पायलटों के लिए साल में एक बार अनिवार्य डोप टेस्ट कराने की योजना पर गंभीरता से विचार कर रही है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) इस प्रस्ताव पर एयरलाइंस और अन्य हितधारकों से चर्चा कर रहा है, ताकि इसकी व्यवहारिकता और सुरक्षा संबंधी प्रभावों का आकलन किया जा सके। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने बताया कि, मौजूदा नियमों के तहत केवल 10 प्रतिशत पायलटों का डोप परीक्षण अनिवार्य है।
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अब सरकार ऐसी व्यवस्था पर विचार कर रही है, जिसमें हर पायलट का साल में एक बार बिना पूर्व सूचना के परीक्षण किया जाए। यह पहल 4 अगस्त को फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की उड़ान AI-2379 से जुड़ी घटना के बाद चर्चा में आई। उड़ान के दौरान विमान को अचानक झटका लगा और कई यात्रियों को चोटें आईं। इस मामले की जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) कर रहा है। मंत्री ने कहा कि, विमान और उसका डेटा रिकॉर्डर जांच एजेंसी के पास सुरक्षित हैं और प्रारंभिक रिपोर्ट जल्द आने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि, यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए कड़े सुरक्षा मानकों पर काम किया जा रहा है।
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