पीएम मोदी ने संस्कृत सुभाषित से दिया जीवन का मंत्र

Follow Us

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक प्रेरक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए जीवन में उत्तम संगति, बुद्धिमत्तापूर्ण परामर्श और निस्वार्थ मित्रता के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि, सही लोगों का साथ और सकारात्मक विचार-विमर्श व्यक्ति को जीवन में सही दिशा देने के साथ कठिन परिस्थितियों में भी मजबूत बनाए रखता है।

प्रधानमंत्री ने लिखा-
उत्तमै: सह साङ्गत्यं पण्डितै: सह सत्कथाम्। अलुब्धै: सह मित्रत्वं कुर्वाणो नावसीदति॥

राहुल पर अशोक उइके का पलटवार: ‘देर से आते हैं, पहले पूरी जानकारी लें’

इस सुभाषित का अर्थ है कि, जो व्यक्ति श्रेष्ठ लोगों की संगति करता है, विद्वानों के साथ सार्थक चर्चा करता है और लोभ से मुक्त लोगों से मित्रता रखता है, वह जीवन में कभी निराश नहीं होता। सुभाषित भारतीय ज्ञान परंपरा के उन मूल्यों को सामने लाता है, जो व्यक्ति के चरित्र निर्माण और सही निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करते हैं। विद्वानों के साथ संवाद सोच को व्यापक बनाता है, जबकि निस्वार्थ मित्रता विश्वास और नैतिक संबल प्रदान करती है। वहीं सकारात्मक संगति व्यक्ति को अच्छे संस्कारों और बेहतर भविष्य की ओर प्रेरित करती है। प्रधानमंत्री का यह संदेश समाज में सकारात्मक सोच, विवेकपूर्ण संवाद और सच्चे रिश्तों के महत्व को रेखांकित करने वाला प्रेरक संदेश माना जा रहा है।

एयर सेफ्टी पर बड़ा कदम: अब हर पायलट का सालाना डोप टेस्ट करा सकती है सरकार