आईजीकेवी में पेपर लीक पर एफआईआर दर्ज, एनएसयूआई ने नकली नोट-डायपर रखकर किया प्रदर्शन, 72 घंटे का अल्टीमेटम

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रायपुर। आईजीकेवी पेपर लीक मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने तेलीबांधा थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। शुक्रवार को एनएसयूआई प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय परिसर में नकली नोट और डायपर रखकर प्रबंधन के खिलाफ विरोध जताया और दोषियों पर कार्रवाई व इस्तीफे की मांग करते हुए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। प्रदर्शन का नेतृत्व एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे ने किया।प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। एनएसयूआई का आरोप है कि परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था में प्रश्नपत्र लीक होना गंभीर लापरवाही है। संगठन ने विश्वविद्यालय प्रबंधन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।

एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश

विश्वविद्यालय प्रशासन ने पांच सदस्यीय जांच समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट के आधार पर पेपर लीक मामले में जिम्मेदारी तय की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच समिति यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र कहां से लीक हुआ और इसमें किस स्तर पर लापरवाही या अनियमितता हुई।

28 कॉलेजों में भेजा जाता है प्रश्नपत्र

पेपर लीक मामले में सबसे अहम पहलू यह है कि प्रश्नपत्र रायपुर में तैयार होने के बाद विश्वविद्यालय से जुड़े 28 कॉलेजों तक पहुंचाया जाता है। ऐसे में जांच समिति के सामने प्रश्नपत्र की तैयारी से लेकर उसके वितरण तक की पूरी प्रक्रिया की जांच करना चुनौती होगी। अब जांच रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि प्रश्नपत्र लीक होने की घटना किस स्तर पर हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। रिपोर्ट आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रश्न पत्र लीक मामले में एफआईआर दर्ज

पेपर लीक मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से राजधानी के तेलीबांधा थाने में मामला दर्ज कराया गया है। पुलिस भी मामले की जांच कर रही है। जांच के आधार पर प्रश्नपत्र वायरल करने और इसे आगे प्रसारित करने वालों की भूमिका सामने आने की उम्मीद है वहीं, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी एग्रीकल्चर सेकंड ईयर की एंटोमोलॉजी (कीट विज्ञान) परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले व्हाट्सएप्प
पर लीक हो गया। जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया पर वायरल प्रश्नपत्र और मुख्य प्रश्नपत्र के करीब 70 फीसदी सवाल एक जैसे पाए जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा रद्द कर दी। मामले में तेलीबांधा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।

वायरल पेपर के 70 फीसदी सवाल मुख्य प्रश्नपत्र से मिले

विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी संजय नैय्यर के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल प्रश्नपत्र और परीक्षा के मुख्य प्रश्नपत्र के सवाल 100 फीसदी समान नहीं थे, लेकिन करीब 70 फीसदी सवाल आपस में मिल रहे थे। परीक्षा की निष्पक्षता और छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया।

सितंबर के पहले सप्ताह में होगी दोबारा परीक्षा

परीक्षा निरस्त होने के बाद विश्वविद्यालय ने नई तारीख भी तय कर दी है। एंटोमोलॉजी विषय की परीक्षा अब सितंबर 2026 के पहले सप्ताह में दोबारा आयोजित की जाएगी। विश्वविद्यालय की ओर से इसके संबंध में आधिकारिक सूचना जारी की गई है। नई परीक्षा में सभी पात्र विद्यार्थियों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शामिल होना होगा।

पेपर की गोपनीयता और सुरक्षा पर उठे सवाल

परीक्षा शुरू होने से महज दो घंटे पहले प्रश्नपत्र का व्हाट्सऐप पर वायरल होना विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था और प्रश्नपत्र की गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जानकारी के मुताबिक, प्रश्नपत्र सीधे किसी छात्र तक पहुंचने के बजाय किसी अन्य स्रोत से फॉरवर्ड होकर छात्रों के बीच पहुंचा। अब जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि प्रश्नपत्र सबसे पहले किस स्तर से बाहर आया और इसे व्हॉट्सऐप पर किसने प्रसारित किया।