3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी की दर से किसानों को बड़ी राहत: मंत्री दयाल दास

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  • मंत्री दयाल दास बघेल ने गिनाईं खाद्य विभाग की उपलब्धियां

रायपुर। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए प्रति एकड़ 3100 क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है। पिछले तीन वर्षों में 150 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी कर सरकार ने इतिहास रचा है। मंगलवार को नवा रायपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंत्री बघेल ने विभाग की उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि धान खरीदी में पारदर्शिता के लिए राज्य स्तरीय कमांड सेंटर से निगरानी, तौल में आधुनिक तकनीक और अवैध धान पर रोक के लिए चेक पोस्ट पर बेरियर लगाए गए हैं। साथ ही प्रदेश में राशन दुकानों की संख्या 12500 से बढ़कर 14200 हो गई है।

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मंत्री बघेल ने कहा कि धान खरीदी के एक सप्ताह के भीतर ही किसानों को अंतर की राशि का भुगतान कर दिया जाता है। जिससे किसानों में खुशी की लहर है। धान खरीदी में अनियमितता और बिचौलियों पर रोक के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। राज्य स्तरीय कमांड सेंटर के माध्यम से सभी खरीदी केंद्रों की निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि धान तौल को अब आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाएगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे। अधिकारी लगातार केंद्रों में जाकर निरीक्षण कर रहे हैं और किसानों की समस्याएं सुनकर उनका समाधान कर रहे हैं। अन्य प्रदेशों से अवैध धान की आवाजाही रोकने के लिए प्रादेशिक चेक पोस्ट पर बेरियर लगाकर सख्त कार्रवाई की जा रही है।

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मंत्री ने बताया कि पिछली सरकार में प्रदेश में 12500 राशन दुकानें थीं, जो अब बढ़कर 14200 हो गई हैं। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में 43 लाख 37 हजार राशन कार्ड प्रचलन में हैं। हर महीने 2.75 लाख मीट्रिक टन चावल उपभोक्ताओं को वितरित किया जा रहा है। “वन नेशन वन राशन कार्ड” योजना के तहत उपभोक्ता किसी भी दुकान से राशन ले सकते हैं। साथ ही राशन की गुणवत्ता खराब होने पर शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं। रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में 24 घंटे काम करने वाली राशन मशीनें लगाई गई हैं। बस्तर के 10 जिलों और गरियाबंद के कुछ क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को नमक, शक्कर, चना और खाद्य तेल का मासिक वितरण भी किया जा रहा है।

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शिकायत निवारण और डिजिटल पहल
बघेल ने बताया कि सरकार ने ई-फाइलिंग की सुविधा “जागृति पोर्टल” के माध्यम से उपलब्ध कराई है। अक्टूबर 2023 से जुलाई 2026 तक उपभोक्ता आयोग को कुल 2058 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 1720 का निराकरण किया जा चुका है। इस अवसर पर खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने भी विभागीय गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी दी।