रायपुर। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल (सीजीएचबी) ने बकायादार हितग्राहियों को राहत देते हुए दाण्डिक ब्याज और लंबित जलप्रदाय शुल्क के सरचार्ज में 50 प्रतिशत छूट देने का निर्णय लिया है। पात्र हितग्राही संपूर्ण बकाया राशि का एकमुश्त भुगतान कर इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।
मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने स्वतंत्रता दिवस पर नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंडल मुख्यालय में आयोजित समारोह में इसकी घोषणा की। उन्होंने यह जानकारी आज मीडिया को देते हुए बताया कि छूट मंडल की समस्त योजनाओं में निर्मित एवं निर्माणाधीन आबंटित संपत्तियों पर लागू होगी। हालांकि विशेष आवासीय योजना के तहत ओटीएस-1 और ओटीएस-2 में आबंटित संपत्तियों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है।
योजना के तहत पात्र हितग्राहियों द्वारा आबंटित संपत्ति की संपूर्ण बकाया राशि एकमुश्त जमा करने पर विलंबित अवधि के ब्याज यानी दाण्डिक ब्याज में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
अनुराग सिंह देव ने बताया कि मंडल ने इससे पहले भी निर्मित भवनों की बकाया राशि एकमुश्त जमा करने पर दाण्डिक ब्याज में 50 प्रतिशत छूट की सुविधा 31 मार्च 2026 तक दी थी। योजना को हितग्राहियों से अच्छा प्रतिसाद मिलने के बाद मंडल की निधि में तरलता बनाए रखने और बकाया राशि के निपटारे की सुविधा देने के उद्देश्य से इसे पुनः लागू करने का निर्णय लिया गया है।
मंडल ने आबंटित संपत्तियों के लंबित जलप्रदाय शुल्क पर लगने वाले सरचार्ज में भी 50 प्रतिशत छूट देने का फैसला किया है। इसके लिए हितग्राही को लंबित जलप्रदाय शुल्क का एकमुश्त भुगतान करना होगा। मंडल के अनुसार लंबे समय से जलप्रदाय शुल्क जमा नहीं करने के कारण कई हितग्राहियों पर सरचार्ज का अतिरिक्त भार बढ़ रहा था और इसकी छूट की मांग भी की जा रही थी।
इस संबंध में मंडल की संबंधित इकाइयों को आवश्यक निर्देश जारी किए जा रहे हैं। पात्र हितग्राहियों से बकाया राशि का शीघ्र एकमुश्त भुगतान कर योजना का लाभ लेने की अपील की गई है।
