नई दिल्ली। पूर्व शिक्षा मंत्री और संबलपुर सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने नीट पेपर लीक विवाद के बीच अपने इस्तीफे के बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर प्रतिक्रिया दी। भुवनेश्वर की जीएम यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्रधान ने कहा कि, जेन Z देश के ही बच्चे हैं और उन्हें कुछ लोगों ने गुमराह करने की कोशिश की।
प्रधान ने कहा कि, भारत में हर साल करोड़ों युवा नई उम्मीदों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। आने वाली पीढ़ी देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि, उनके लिए मंत्री पद कभी महत्वपूर्ण नहीं रहा और उन्हें सबसे ज्यादा चिंता इस बात की है कि, युवा भ्रमित न हों। नीट विवाद को लेकर देशभर में हुए छात्र प्रदर्शनों के बीच प्रधान के इस्तीफे को लेकर भी राजनीतिक बहस तेज हुई थी। अब अपने बयान में उन्होंने कहा कि, उन्होंने खुद प्रधानमंत्री के सामने इस्तीफे की पेशकश की थी।
कार्यक्रम के दौरान प्रधान ने ओडिशा की राजनीति पर भी बात की। बीजद कार्यकर्ताओं के विरोध और ‘वापस जाओ’ के नारों पर उन्होंने कहा कि, वह किसान के बेटे हैं और उन्हें इस तरह के विरोध से परेशानी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि, उन्होंने ओडिशा के लोगों को शर्मिंदा करने वाला कोई काम नहीं किया है।
