दंतेवाड़ा। बैलाडीला क्षेत्र में यात्री रेल सुविधाओं के विस्तार को लेकर स्थानीय लोगों की मांग तेज होती जा रही है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लौह अयस्क से भरी मालगाड़ियां निर्बाध रूप से संचालित होती हैं, वहीं यात्री ट्रेनें अब भी दंतेवाड़ा तक ही सीमित हैं। लोगों का सवाल है कि जब माल परिवहन सुचारु रूप से हो सकता है तो बैलाडीला तक नियमित पैसेंजर ट्रेनों का संचालन क्यों नहीं किया जा सकता।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पहले सुरक्षा कारणों और अब रेलवे लाइन के दोहरीकरण का हवाला देकर वर्षों से मांग टाली जा रही है, जबकि क्षेत्र की परिस्थितियां पहले की तुलना में काफी बदल चुकी हैं। बैलाडीला देश के प्रमुख लौह अयस्क उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है और रेलवे को भारी राजस्व प्रदान करता है। इसके बावजूद यहां यात्री सुविधाओं का अपेक्षित विस्तार नहीं हो सका है।
क्षेत्रवासियों ने बैलाडीला तक प्रतिदिन पांच से छह नियमित यात्री ट्रेनों के संचालन की मांग की है। उनका कहना है कि बेहतर रेल सुविधा मिलने से रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान होगी। अब क्षेत्र की जनता केवल आश्वासनों से नहीं, बल्कि इस दिशा में ठोस निर्णय और जल्द कार्रवाई की उम्मीद कर रही है।
