रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के केरसई में निर्मित महतारी सदन अब महिला स्व-सहायता समूहों के लिए सशक्तिकरण और सामुदायिक सहभागिता का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। इस भवन के निर्माण से महिलाओं को बैठकों, आजीविका गतिविधियों और सामाजिक कार्यक्रमों के संचालन के लिए सुरक्षित और स्थायी स्थान उपलब्ध हुआ है।
महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य बबीता गुप्ता ने बताया कि महतारी सदन बनने से पहले समूह की बैठकें आयोजित करने में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कभी किसी सदस्य के घर तो कभी खुले स्थान या पेड़ के नीचे बैठक करनी पड़ती थी। बारिश और गर्मी के मौसम में बैठकों का संचालन काफी प्रभावित होता था, जिससे समूह की गतिविधियों पर भी असर पड़ता था। उन्होंने बताया कि अब महतारी सदन उपलब्ध होने के बाद सभी सदस्य नियमित रूप से एक ही स्थान पर बैठक कर पा रही हैं। यहां समूह की बचत, ऋण व्यवस्था, आजीविका गतिविधियों, प्रशिक्षण और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर व्यवस्थित चर्चा की जाती है। इससे समूह का संचालन बेहतर हुआ है और महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ी है।
बबीता गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में निर्मित महतारी सदन ने महिलाओं की लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान किया है। अब बैठकों के लिए स्थान की चिंता नहीं रहती और समूह की सभी गतिविधियां सुचारु रूप से संचालित हो रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी सदन केवल एक भवन नहीं, बल्कि महिलाओं के संगठन, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार बन गया है। यह केंद्र महिलाओं को एकजुट होकर विकास की दिशा में आगे बढ़ने और नए अवसरों का लाभ उठाने का मंच प्रदान कर रहा है।
