इस्लामाबाद। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होते जा रहे हैं। विधानसभा चुनावों के बीच हालात उस समय हिंसक हो गए, जब रावलाकोट में हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। स्थानीय रिपोर्टों और प्रदर्शनकारी संगठन जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के दावों के अनुसार, सुरक्षा बलों की फायरिंग में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में लोगों ने चुनाव प्रक्रिया का विरोध करते हुए मतदान का बहिष्कार किया और मुजफ्फराबाद की ओर मार्च शुरू किया। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तनाव बढ़ गया, जिसके बाद गोलीबारी हुई। JAAC का आरोप है कि निहत्थे प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया गया।
हिंसा के बाद क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि PoK के कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं भी अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं। इससे पहले भी सरकार ने JAAC पर प्रतिबंध लगाया था और उसके कई नेताओं को हिरासत में लिया गया था। संगठन का कहना है कि पिछले कुछ सप्ताहों में विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा बलों के साथ झड़पों में कई लोगों की जान जा चुकी है। ताजा घटना के बाद क्षेत्र की स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है।
