पेपर लीक बिल पर विपक्ष का हमला: ‘कानून नहीं, व्यवस्था में सुधार जरूरी’, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

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नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार पर आरोप लगाया कि, केवल नया कानून बनाने से पेपर लीक की समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और मजबूत जांच व्यवस्था की जरूरत है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने दावा किया कि कुछ राज्यों में अभी भी छात्रों के खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं और सरकार को युवाओं के साथ संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए। वहीं, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सवाल उठाया कि जब पहले से कानून मौजूद था तो नए संशोधन की जरूरत क्यों पड़ी।

कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि, कानून में बदलाव के साथ निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि, केवल नियम बनाने से नहीं, बल्कि उनके सही तरीके से लागू होने से ही व्यवस्था सुधरेगी। विपक्षी नेताओं ने पेपर लीक मामलों की जांच, छात्रों पर कार्रवाई और परीक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली को लेकर सरकार से जवाब मांगा। वहीं, टीएमसी और झामुमो सांसदों ने भी छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए व्यापक सुधार की मांग की। सरकार का कहना है कि, यह संशोधन विधेयक परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के लिए लाया गया है।