जगन्नाथ जी की गृहवापसी, देवभूमि द्वार में “जन सहयोग” द्वारा भव्य स्वागत

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काँकेर। समाजसेवी संस्था “जन- सहयोग ” द्वारा आज जगन्नाथ भगवान की वापसी रथयात्रा का भव्य स्वागत राजापारा के देवभूमि द्वार पर आतिशबाजी एवं पुष्पवर्षा से किया गया। उल्लेखनीय है कि आषाढ़ शुक्ल द्वितीया से भगवान जगन्नाथ लक्ष्मी जी से नाराज़ होकर अपनी मौसी के घर जनकपुर चले जाते हैं और परंपरा के अनुसार 9 दिन अर्थात एकादशी तक वहीं रहते हैं इस बीच कई बार लक्ष्मी जी उन्हें अर्थात रूठे हुए भगवान को मनाने का बहुत प्रयास करती हैं।

जिसमें उन्हें नौवें दिन में ही सफलता मिल पाती है और जगन्नाथ जी नाराज़गी छोड़कर अपने गृह में साल भर के लिए वापस आ जाते कांकेर में हैं। इस वापसी की प्रक्रिया को उड़ीसा तथा उड़िया प्रभाव वाले स्थान में “बहुड़ा यात्रा” कहा जाता है। काँकेर में सन 616 ईस्वी से जगन्नाथ स्वामी की रथ यात्रा एवं इनसे संबंधित परंपराएं निरंतर चली आ रही हैं । उनका मन्दिर प्रारंभ से ही राजा पारा में स्थापित है, जिसका लगभग दो सौ वर्ष पूर्व राजा पदुम देव अर्थात पद्मसिंह देव ने पक्का निर्माण करा दिया था।

उल्लेखनीय है कि राजापारा स्थित राज- खानदान के व्यक्ति लगभग सभी उड़ीसा से ही संबंधित हैं और उनके पारिवारिक संबंध उड़ीसा में ही होते हैं । इसीलिए यहां जगन्नाथ स्वामी तथा उनके मंदिर का विशेष महत्व है। आज के इस विशेष धार्मिक कार्यक्रम में सक्रिय भाग लेने वालों में “जन सहयोग ” के अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी तथा वरिष्ठ पत्रकार सीताराम शर्मा जी वरिष्ठ पत्रकार अनुराग उपाध्याय धर्मेंद्र देव जितेंद्र प्रताप देव पप्पू साहू उनके साथियों के नाम उल्लेखनीय हैं