न्यूयॉर्क/नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन अब अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया है। संयुक्त राष्ट्र ने भारत में चल रहे इस प्रदर्शन को लेकर कहा है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले लोगों को लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने की पूरी स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने प्रेस वार्ता में कहा कि किसी भी देश में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों को उत्पीड़न, अनुचित गिरफ्तारी या हिंसा का सामना नहीं करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी है कि वे नागरिकों के अधिकारों और सुरक्षा को सुनिश्चित करें।
दरअसल, दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र पिछले कई हफ्तों से शिक्षा व्यवस्था में सुधार और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे जैसी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच कई बार तनाव की स्थिति भी बनी। हालांकि संयुक्त राष्ट्र ने छात्रों की मांगों या आंदोलन के राजनीतिक पक्ष पर कोई टिप्पणी नहीं की है। उसने केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शन, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की सुरक्षा को लेकर अपना वैश्विक रुख दोहराया है। UN के बयान के बाद यह आंदोलन एक बार फिर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है।
,
