सूरजपुर। सूरजपुर जिले के ग्राम धरमपुर में शुक्रवार सुबह भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई उस समय हिंसक संघर्ष में बदल गई, जब प्रशासनिक टीम के साथ पहुँचे पुलिस बल और विरोध कर रहे ग्रामीणों के बीच जबरदस्त झड़प हो गई। देखते ही देखते पूरा गांव रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। घटना में डीएसपी, एक महिला पुलिसकर्मी सहित करीब दो दर्जन पुलिस अधिकारी और जवान घायल हो गए। सभी घायलों का उपचार कराया जा रहा है और फिलहाल सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार,
अधिग्रहित भूमि पर प्रशासनिक कब्जा दिलाने के उद्देश्य से शुक्रवार तडक़े बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी धरमपुर पहुंचे थे। पुलिस की भारी मौजूदगी देखकर पहले से आंदोलनरत ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया। पहले दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, लेकिन कुछ ही देर में स्थिति बेकाबू हो गई और विरोध हिंसक झड़प में बदल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,
उग्र भीड़ ने पुलिस दल पर हमला कर दिया, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई। जान बचाने के प्रयास में कई पुलिसकर्मी गिर पड़े और धक्का-मुक्की व हमले में कई जवानों के सिर फट गए तथा उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
घायलों में महिलापुलिस कर्मी भी शामिल
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हडक़ंप मच गया। घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घायलों में डीएसपी राजेश जोशी, नंदू रजवाड़े, सुखी चंद्र सहित लगभग दो दर्जन पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हैं। इनमें एक महिला पुलिसकर्मी भी घायल हुई हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सभी घायल खतरे से बाहर हैं।
इलाके में तनाव, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
घटना के बाद धरमपुर गांव और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। भूमि अधिग्रहण को लेकर शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में हिंसक रूप ले बैठा, जिससे पूरे इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।


