पुलिस पर पथराव करने वाले 12 कांग्रेसियों पर अपराध दर्ज, आरोपियों के घर पुलिस ने दी दबिश

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रायपुर। राजधानी रायपुर में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पथराव, धक्का-मुक्की और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई गई, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। मामले में खम्हारडीह थाना पुलिस ने 12 कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने सभी 12 आरोपियों के घर जाकर दबिश दी लेकिन सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे। वही आज कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने इन आरोपियों को बचाने के लिए खम्हारडीह थाने का घेराव किया था।

खम्हारडीह थाना प्रभारी भवेश कुमार गौतम की शिकायत पर उसी थाने में दर्ज एफ़आईआर के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए खम्हारडीह थाने, रिजर्व सेंटर और अन्य थानों के पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। एफ़आईआर में कहा गया है कि कांग्रेस कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए पार्टी कार्यालय से बैरिकेड की ओर विपरीत दिशा से पहुंचे। एफ़आईआर में कहा गया है कि पुलिस द्वारा उन्हें रोकने और शांत रहने के लिए बार-बार समझाने के बावजूद उन्होंने बात नहीं मानी, पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की और अभद्र व्यवहार किया।

आरोप लगाया गया है कि पुलिस द्वारा संयम बरतने और लगातार स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयासों के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर धक्का-मुक्की करते हुए पुलिसकर्मियों पर कांच की बोतलें, लकड़ी के डंडे, पत्थर और जूते फेंके। एफ़आईआर में कहा गया है कि पुलिस अधिकारी देवराज सिंह के सिर में चोट लगी, महिला कांस्टेबल सीमा बंजारे के हाथ में चोट आई और इस घटना में कई अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए। एफ़आईआर में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शनकारियों ने सरकारी कर्मचारियों को उनके आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन से रोका, लोक सेवकों के खिलाफ आपराधिक बल का प्रयोग किया और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के प्रयास किये। FIR में कांग्रेस के 12 नेताओं और कार्यकर्ताओं को नामजद किया गया है, थाना प्रभारी गौतम ने बताया कि घटना में 12 से 15 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें से दो को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा, “अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जांच जारी है।”

पुलिस के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम 22 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री आवास योजना के मुद्दे को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हुआ। भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन के सामने घेराव कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए खम्हारडीह थाना पुलिस, रक्षित केंद्र के जवानों और अन्य थानों के अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। थाना खम्हारडीह के प्रभारी निरीक्षक भावेश कुमार गौतम द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश कांग्रेस कार्यालय की ओर से नारेबाजी करते हुए बैरिकेडिंग स्थल की तरफ बढ़ने लगे। पुलिस बल ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं रुके और पुलिसकर्मियों से उलझने लगे।

पुलिस का कहना है कि मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की समझाइश दी। इसके बावजूद कुछ कार्यकर्ता उग्र हो गए और पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की करने लगे। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लगातार संयम बरता और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे शांत नहीं हुए। इसके बाद कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक राय होकर पुलिस बल की ओर कांच की बोतल, लकड़ी, पत्थर और जूते फेंकना शुरू कर दिया। पुलिस के अनुसार, पथराव और धक्का-मुक्की की घटना में ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी और कर्मचारी घायल हुए हैं।

बताया गया कि पीएसआई देवराज सिंह के सिर में चोट आई है, जबकि महिला आरक्षक सीमा बंजारे के हाथ में चोट लगी है। इसके अलावा कुछ अन्य पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों के इस कृत्य से शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न हुई और कानून व्यवस्था प्रभावित हुई। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने लोक सेवकों के साथ बल प्रयोग किया और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का प्रयास किया। घटना के बाद पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान शुरू की। प्रारंभिक जांच के आधार पर 12 कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 191, 121(1), 221 और 132 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है। घटना स्थल के वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि घटना में और कितने लोग शामिल थे।