रायपुर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पूर्व भारतीय क्रिकेटर राजेश चौहान कानूनी विवाद में घिर गए हैं। उन पर ट्रांसपोर्ट कारोबार में निवेश के नाम पर 17.52 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट ऐश्वर्या दीवान की अदालत ने पुलिस को शिकायत की जांच कर आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
शिकायतकर्ता दिनकर विश्वमित्र ने अदालत में आवेदन देकर आरोप लगाया कि उनकी पहचान राजेश चौहान से एक परिचित के माध्यम से हुई थी। आरोप के मुताबिक, राजेश चौहान ने जिंदल इस्पात लिमिटेड में ट्रांसपोर्ट ठेका मिलने की बात कहकर साझेदारी का प्रस्ताव दिया और कारोबार में अच्छा मुनाफा होने का भरोसा दिलाया।
शिकायत में बताया गया कि विश्वास दिलाने के लिए कथित तौर पर कुछ दस्तावेज भी दिखाए गए, जिसके बाद दिनकर ने जुलाई 2021 में हुए समझौते के तहत पहले 2.51 लाख रुपये दिए। बाद में गोविंद ट्रांसपोर्ट कंपनी के खाते में करीब 15.01 लाख रुपये और ट्रांसफर किए गए। अब अदालत के निर्देश के बाद पुलिस मामले की जांच करेगी और रिपोर्ट न्यायालय में पेश करेगी। गौरतलब है कि राजेश चौहान 1990 के दशक में भारतीय क्रिकेट टीम के लिए ऑफ स्पिनर के रूप में खेल चुके हैं। उन्होंने भारत के लिए 21 टेस्ट और 35 वनडे मैच खेले हैं।

