छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों को बड़ी राहत, वेतन के बदले अल्पावधि ऋण योजना से 73 हजार से ज्यादा जुड़े

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रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की ‘वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना’ शासकीय कर्मचारियों के लिए आर्थिक सहारे का बड़ा माध्यम बनती जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से शुरू हुई इस योजना में अब तक 73 हजार से अधिक कर्मचारियों ने पंजीयन कराया है, जबकि करीब 27 हजार कर्मचारी इसका लाभ भी ले चुके हैं। इस योजना का उद्देश्य कर्मचारियों को अचानक आने वाली आर्थिक जरूरतों के समय आसान और सुरक्षित वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। स्वास्थ्य, पारिवारिक जरूरत या अन्य आपात परिस्थितियों में कर्मचारियों को निजी ऋणदाताओं या अधिक ब्याज वाले विकल्पों पर निर्भर न रहना पड़े, इसी सोच के साथ यह सुविधा शुरू की गई है।

योजना की खास बात यह है कि, इसमें कर्मचारियों को बिना ब्याज ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित होती है, जिससे आवेदन, सत्यापन और भुगतान में पारदर्शिता बनी रहती है। ई-कोष प्रणाली के जरिए कर्मचारी घर बैठे आवेदन कर सकते हैं और राशि सीधे उनके बैंक खाते में पहुंचाई जाती है। सरकार के अनुसार, ऋण की वापसी वेतन से आसान किस्तों में की जाती है। इससे कर्मचारियों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव नहीं पड़ता और प्रक्रिया भी सरल बनी रहती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि, कर्मचारी राज्य के विकास की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। यह योजना न सिर्फ आर्थिक मदद दे रही है, बल्कि कर्मचारियों में सुरक्षा और विश्वास की भावना भी मजबूत कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि, आने वाले समय में यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है।