नई दिल्ली। वैश्विक बाजार में भारतीय जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जून 2026 में निर्यात के मोर्चे पर बड़ी सफलता हासिल की है। उद्योग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जून में रत्न एवं आभूषण निर्यात 26.5 प्रतिशत बढ़कर 2.21 अरब डॉलर पहुंच गया। लंबे समय से वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे इस क्षेत्र के लिए यह बढ़ोतरी राहत भरी मानी जा रही है।
अप्रैल-जून 2026 की पहली तिमाही में कुल निर्यात 6.61 अरब डॉलर रहा, जबकि सोने के आभूषणों के निर्यात में 54.5 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। जड़ाऊ आभूषणों की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग ने इस प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाई। वहीं, कटे और पॉलिश किए गए हीरों के निर्यात में भी सुधार देखने को मिला।
विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी हॉलिडे सीजन में विदेशी बाजारों से मांग और मजबूत हो सकती है, जिससे अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में निर्यात को अतिरिक्त गति मिलने की संभावना है। दूसरी ओर, रफ हीरों के आयात में गिरावट जारी है, क्योंकि निर्माता नई खरीद के बजाय मौजूदा स्टॉक का उपयोग कर रहे हैं। विश्लेषकों के अनुसार, लैब-ग्रोन डायमंड और प्रीमियम ज्वेलरी की बढ़ती वैश्विक मांग आने वाले महीनों में भारतीय जेम्स एंड ज्वेलरी उद्योग के लिए नए अवसर लेकर आ सकती है।
