प्रदेश में ईंधन में पानी की मिलावट के आरोप, अरुण वोरा ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

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दुर्ग। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से पेट्रोल एवं डीज़ल में मिलावट की शिकायतें सामने आने के बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरुण वोरा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ईंधन की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं कई वाहन चालकों ने पेट्रोल भरवाने के बाद वाहन बंद होने और इंजन खराब होने की शिकायत की और सरकार को पूरे मामले में पारदर्शिता के साथ जवाब देना चाहिए।यदि समय रहते इस पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यह समस्या लाखों वाहन चालकों के विश्वास और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन सकती है।

अरुण वोरा ने बताया कि, वे स्वयं भी इस समस्या का सामना कर चुके हैं। उन्होंने अपनी कार में डीज़ल भरवाया था, जिसके वाहन ने स्टार्ट होना बंद कर दिया। इसके बाद जब उन्होंने अपनी कार को जांच एवं मरम्मत के लिए भेजा, तो निरीक्षण के दौरान उन्हें डीज़ल का एक नमूना दिया गया, जिसमें पानी की मौजूदगी व्यक्त की गई। वोरा ने कहा, “भाजपा सरकार के तीनों इंजन फेल होने के बाद अब प्रदेश में जनता के वाहनों के इंजन भी खतरे में हैं।”उन्होंने कहा कि, एक आम नागरिक अपनी मेहनत की कमाई से वाहन खरीदता है और पूरी कीमत चुकाकर ईंधन भरवाता है। ऐसे में उसे शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण ईंधन मिलना उसका अधिकार है।

वोरा ने सवाल उठाया कि, यदि मिलावट के कारण किसी वाहन का इंजन खराब होता है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या केवल ईंधन की राशि वापस कर देना पर्याप्त है?उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि प्रदेशभर के पेट्रोल पंपों पर ईंधन की गुणवत्ता की विशेष जांच कराई जाए,ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था लागू की जाए। उन्होंने कहा कि, यह केवल ईंधन का मुद्दा नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा, उपभोक्ता अधिकारों और उनकी मेहनत की कमाई से जुड़ा गंभीर विषय है। सरकार को इस पूरे मामले में शीघ्र, निष्पक्ष और पारदर्शी कार्रवाई करनी चाहिए।