नकटी भूमि विवाद पर कांग्रेस का सरकार पर बड़ा हमला, दस्तावेज दिखाकर उठाए कार्रवाई पर सवाल

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रायपुर। नकटी भूमि विवाद को लेकर कांग्रेस की जांच समिति ने प्रेसवार्ता कर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि उनके पास मौजूद पुराने राजस्व रिकॉर्ड और सरकारी दस्तावेज ग्रामीणों के पक्ष में हैं, इसके बावजूद प्रशासन ने बस्ती हटाने की कार्रवाई की। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और भूमि रिकॉर्ड के ऑडिट की मांग की है। पूर्व मंत्री धनेंद्र साहू ने प्रेसवार्ता में वर्ष 2024 के एक सरकारी पत्र और पुराने चकबंदी दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि संबंधित भूमि के रिकॉर्ड में कई खसरा नंबर दर्ज हैं और इनमें ग्रामीणों की बसाहट व अन्य विवरण का उल्लेख है। उनका आरोप है कि प्रशासन ने पर्याप्त तथ्यों पर विचार किए बिना कार्रवाई की।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि संबंधित भूमि का एक हिस्सा राजस्व रिकॉर्ड में चारागाह के रूप में दर्ज है और ऐसे मामलों में ग्राम सभा की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने दावा किया कि ग्रामीण लंबे समय से वहां निवास कर रहे हैं तथा उन्हें प्रधानमंत्री आवास, पेयजल, सड़क और बिजली जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिलता रहा है। प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि नकटी गांव के आसपास की अन्य भूमि की भी जांच कराई जानी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि किन लोगों के नाम पर जमीन दर्ज है। पार्टी ने आरोप लगाया कि कार्रवाई चयनात्मक तरीके से की गई है और पूरे मामले की पारदर्शी जांच होनी चाहिए। कांग्रेस ने कहा कि वह प्रभावित ग्रामीणों के साथ खड़ी है और इस मुद्दे को राजनीतिक एवं कानूनी स्तर पर उठाती रहेगी। वहीं, इस मामले में सरकार की ओर से दिए गए आधिकारिक पक्ष का इंतजार किया जा रहा है।