वार्डों में जल निकासी व्यवस्था का लिया जायजा, नालियों में कचरा फेंकने से बचने की अपील; तालाब किनारे अवैध निर्माण और मलबा डालने वालों पर कार्रवाई के निर्देश
दुर्ग। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच नगर पालिक निगम दुर्ग की महापौर अलका बाघमार, कलेक्टर अभिजीत सिंह और निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल स्वयं छाता लेकर शहर की सड़कों पर उतरे। उन्होंने निगम अमले और जनप्रतिनिधियों के साथ वार्ड क्रमांक 38, 39, 57 और 58 सहित जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों का निरीक्षण कर जल निकासी व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जहां भी पानी की निकासी में बाधा मिली, वहां तत्काल उसे हटाने के निर्देश दिए गए।
दौरे के दौरान एमआईसी सदस्य देव नारायण चंद्राकर, नरेंद्र बंजारे, नीलेश अग्रवाल, पार्षद रामचंद्र सेन, रेशमा सोनकर, सरस निर्मलकर, रंजीता पाटिल सहित निगम के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
महापौर अलका बाघमार ने कहा कि नगर निगम बारिश के मौसम में पूरी तरह सतर्क है और नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए अधिकारी एवं कर्मचारी लगातार फील्ड में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन, झिल्ली और अन्य कचरा नालियों में न फेंकें, बल्कि डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहन को ही दें, ताकि जल निकासी बाधित न हो और जलजनित बीमारियों से बचाव हो सके।
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने अधिकारियों को जलभराव वाले क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने और किसी भी सूचना पर तत्काल राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आमजन की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा बारिश के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त सुमित अग्रवाल ने वार्ड क्रमांक 39 स्थित तालाब किनारे किए गए निर्माण कार्यों का संज्ञान लेते हुए संबंधित लोगों को नोटिस जारी करने, दस्तावेजों की जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही तालाब किनारे भवन निर्माण का मलबा डालने वालों पर जुर्माना लगाने, मलबा हटाने और तालाब की सफाई कर जल निकासी सुचारु करने के निर्देश दिए, ताकि महावीर कॉलोनी और बैद्यनाथ पारा क्षेत्र में जलभराव की समस्या न हो।
इसके बाद अधिकारियों ने वार्ड क्रमांक 57 और 58 के नहर-नाला रोड, श्रीराम चौक और बीड़ी कॉलोनी का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि पिछले तीन दिनों से चल रहे नाला सफाई, मरम्मत और जल निकासी सुधार कार्यों का सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है तथा भारी बारिश के बावजूद कई स्थानों पर पहले की तुलना में जलभराव की स्थिति में कमी आई है।
नगर निगम ने वर्षाकाल के दौरान नियमित नाला सफाई, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और त्वरित कार्रवाई के निर्देश देते हुए नागरिकों से भी स्वच्छता बनाए रखने और जल निकासी व्यवस्था को सुचारु रखने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।
