रायपुर। नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई अब सियासी विवाद का रूप ले चुकी है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए पार्टी के भीतर मतभेद होने का दावा किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि, यदि प्रभावित लोग किसी दूसरे भाजपा नेता के बजाय सांसद बृजमोहन अग्रवाल के निवास नहीं गए होते, तो शायद उनके घरों पर बुलडोजर नहीं चलता। उनके इस बयान ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी।
भूपेश बघेल के आरोपों पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, कांग्रेस को भाजपा के नेताओं के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश करने के बजाय अपनी पार्टी की स्थिति सुधारने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि, भाजपा पूरी तरह एकजुट है और कांग्रेस बेवजह राजनीतिक भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है। मीडिया से चर्चा के दौरान अरुण साव ने अन्य मुद्दों पर भी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में उत्कृष्ट खिलाड़ियों के सम्मान और खेलों के विकास को लेकर अहम बैठक आयोजित की गई है, जिसमें कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे।
धर्मांतरण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि, छत्तीसगढ़ साहू समाज की बैठक में सामाजिक जागरूकता और इस विषय पर सतर्क रहने की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा हुई। वहीं कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के मुद्दों से ज्यादा आंतरिक खींचतान में उलझी हुई है। ग्रामीण विकास की नई व्यवस्था का समर्थन करते हुए साव ने दावा किया कि इससे पंचायतों को अधिक अधिकार मिलेंगे, ग्रामीणों को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे और डिजिटल व्यवस्था के जरिए विकास कार्यों में पारदर्शिता तथा भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाएगा।
