रायपुर के ऑटो-ई-रिक्शा में लगे QR कोड, डिजिटल रजिस्ट्रेशन पर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम

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रायपुर। राजधानी रायपुर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में पुलिस कमिश्नरेट ने एक नई पहल की है। यातायात कार्यालय परिसर कालीबाड़ी में पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने ऑटो और ई-रिक्शा में क्यूआर कोड चस्पा करने के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। इससे पहले 20 मई 2026 को पहले चरण में ऑटो और ई-रिक्शा का डिजिटल पंजीयन शुरू किया गया था। आटो यूनियन, चालकों और यातायात पुलिस के संयुक्त प्रयास से महज 15 दिनों में 15,047 ऑटो और ई-रिक्शा का पंजीयन पूरा किया गया। अब इन सभी वाहनों पर क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं।

क्यूआर कोड स्कैन कर यात्री वाहन चालक की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा यात्रा के दौरान सामान छूट जाने की स्थिति में भी वाहन मालिक से संपर्क करना आसान होगा। पुलिस का कहना है कि इस पहल से सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा बढ़ेगी और आपराधिक गतिविधियों पर भी प्रभावी नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी।

रायपुर देश का पहला जिला बन गया है, जिसने सार्वजनिक परिवहन के तहत संचालित 15,047 ऑटो और ई-रिक्शा का मात्र 15 दिनों में डिजिटल रजिस्ट्रेशन कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है। इस उपलब्धि पर पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की टीम ने प्रमाणपत्र और मेडल प्रदान किया।

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल क्यूआर कोड लगे ऑटो और ई-रिक्शा का ही उपयोग करें। आगामी चरण में ऑटो चालकों को परिचय पत्र जारी किए जाएंगे तथा ऑटो स्टैंडों का चिन्हांकन कर अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कार्यक्रम के दौरान यातायात, साइबर अपराध, महिला सुरक्षा और सड़क सुरक्षा से संबंधित जनजागरूकता के लिए तैयार शॉर्ट फिल्मों का भी प्रदर्शन किया गया। इन फिल्मों का प्रसारण सोशल मीडिया, एलईडी स्क्रीन, मॉल और पीवीआर के माध्यम से किया जाएगा।