पुणे। चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद उज्ज्वल निकम को इस मामले में स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (SPP) नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और पीड़ित परिवार के अनुरोध पर निकम ने यह जिम्मेदारी स्वीकार की है। साथ ही राज्य सरकार ने मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने को भी मंजूरी दे दी है।
उज्ज्वल निकम ने शुक्रवार को बताया कि मुख्यमंत्री का उन्हें फोन आया था और पीड़ित परिवार ने भी उनसे मुलाकात कर केस लड़ने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है और वे पहले भी महाराष्ट्र के कई संवेदनशील मामलों में अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
निकम ने कहा कि पुलिस की जांच अभी जारी है और चार्जशीट दाखिल होने के बाद ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट होगी। उन्होंने कहा कि यह घटना पूरे देश को झकझोर देने वाली है और अभियोजन पक्ष कानून के अनुसार मजबूत तरीके से अपना पक्ष रखेगा।
गौरतलब है कि 18 जून 2026 को पुणे के लोहागढ़ किले से रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत हुई थी। शुरुआती जांच में इसे दुर्घटना माना गया, लेकिन बाद में पुलिस जांच में मामला हत्या का निकला। पुलिस के अनुसार, केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने सुनियोजित साजिश के तहत वारदात को अंजाम दिया।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने हत्या की योजना से जुड़े कई अहम तथ्य बताए हैं। पुलिस का दावा है कि पूर्व नियोजित योजना के तहत केतन को लोहागढ़ किले ले जाया गया, जहां कथित रूप से उसे खाई में धक्का देकर हत्या कर दी गई। मामले की विस्तृत जांच जारी है और पुलिस चार्जशीट तैयार करने में जुटी है।
