राम मंदिर चढ़ावा गबन मामला: 2-3 साल से चल रहा था खेल, बाथरूम में छिपाते थे नकदी, 8 आरोपी हिरासत में

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अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में पुलिस जांच तेज हो गई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के बाद पुलिस ने सभी आठ नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। गुरुवार रातभर चली पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। सूत्रों के अनुसार अब तक करीब 60 लाख रुपये बरामद किए जा चुके हैं।

पुलिस जांच में सामने आया है कि चढ़ावे की रकम में कथित गड़बड़ी का यह खेल पिछले दो से तीन वर्षों से चल रहा था। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि नकदी निकालने के बाद नोटों की गड्डियों को पहले बाथरूम में छिपाया जाता था। बाद में मौका मिलते ही रकम को मंदिर परिसर से बाहर ले जाया जाता और एक मकान में उसका बंटवारा किया जाता था। मामले में कुछ बैंक अधिकारियों के नाम भी सामने आने की बात कही जा रही है, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है।

एफआईआर में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू को नामजद किया गया है। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच जारी है।

जांच के अनुसार, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू मंदिर की गणना व्यवस्था से जुड़ा था और गणना कक्ष की चाबी भी उसके पास रहती थी। अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा चढ़ावे की गणना में तैनात थे, जबकि मनीष यादव भी इस प्रक्रिया का हिस्सा था। सुभाष श्रीवास्तव गणना इंचार्ज के रूप में पूरी प्रक्रिया की निगरानी करता था। वहीं करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्रा पर भी कथित साजिश में शामिल होने का आरोप है।

पुलिस का कहना है कि मामले में बरामदगी और पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस कथित गबन में और कौन-कौन लोग शामिल थे।