स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई मरवाही में 19 अवैध क्लीनिक और पैथोलॉजी लैब सी

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मरवाही। जिले में जनस्वास्थ्य और मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले अवैध क्लीनिकों और पैथोलॉजी लैबों पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने विशेष जांच अभियान चलाकर निजी चिकित्सा संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर कुल 19 क्लीनिक और पैथोलॉजी लैबों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद जिले में संचालित निजी चिकित्सा संस्थानों में हड़कंप की स्थिति बन गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की जान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

जांच अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विभिन्न क्लीनिकों, पैथोलॉजी लैबों, दंत चिकित्सालयों और एक्स-रे केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आईं, जिनके आधार पर यह कार्रवाई की गई। सील किए गए संस्थानों में तिवारी पैथोलैब, राठौर पैथोलैब, गोडवाना पैथोलैब, राम डिजिटल एक्स-रे, मां अम्बे पैथोलैब, मां अम्बे क्लीनिक, पोद्दार क्लीनिक, मारुति दंत चिकित्सालय, राम दंत चिकित्सालय, श्री राम पैथोलॉजी, सिम्मी पैथोलॉजी, प्रखर होम्योपैथिक क्लीनिक, राम क्लीनिक, राम डेंटल एंड वेल केयर क्लीनिक, धनवंतरी आयुष क्लीनिक, न्यू ओम पैथोलॉजी, लीला क्लीनिक, आदर्श पैथोलॉजी सहित अन्य संस्थान शामिल हैं।

जांच के दौरान सामने आया कि कई संस्थानों में मुख्य चिकित्सक की अनुपस्थिति में अयोग्य और गैर-प्रमाणित कर्मचारी मरीजों का इलाज कर रहे थे। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की। इसके अलावा अधिकांश क्लीनिक और लैब में फायर सेफ्टी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। कई संस्थानों के पास फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र और बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़े अनिवार्य दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं पाए गए।

निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कई संस्थान वैध संचालन लाइसेंस के बिना ही चल रहे थे। वहीं कुछ एक्स-रे केंद्रों में रेडिएशन सुरक्षा से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों का अभाव पाया गया, जो मरीजों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा माना गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इन सभी अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए तत्काल सीलिंग की कार्रवाई की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही से मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

जिला प्रशासन ने सभी निजी चिकित्सा संस्थानों को निर्देशित किया है कि वे आवश्यक लाइसेंस, योग्य चिकित्सकीय स्टाफ, फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र और बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन से जुड़े सभी नियमों का सख्ती से पालन करें। ऐसा नहीं करने पर आगे भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले में आगे भी औचक निरीक्षण अभियान जारी रहेगा और स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में अन्य निजी चिकित्सा संस्थानों की भी जांच की जाएगी और नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।