लाइफस्टाइल। आधुनिक जीवनशैली में तेजी से हो रहे बदलाव लोगों की सेहत पर गंभीर असर डाल रहे हैं। लंबे समय तक बैठकर काम करना, मोबाइल और कंप्यूटर का अत्यधिक उपयोग तथा शारीरिक गतिविधियों की कमी कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि निष्क्रिय जीवनशैली के कारण शरीर और मानसिक स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने से मांसपेशियां और जोड़ कमजोर होने लगते हैं। कंधे, कमर, रीढ़, कूल्हों और टखनों में जकड़न की समस्या तेजी से बढ़ रही है। यही कारण है कि अचानक व्यायाम या योग शुरू करने पर लोगों को दर्द और असहजता महसूस होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि शारीरिक गतिविधियों की कमी मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा रही है। वहीं मानसिक तनाव, चिंता और नींद की समस्या भी आज की व्यस्त जीवनशैली का हिस्सा बनती जा रही हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि नियमित वॉक, हल्की स्ट्रेचिंग और योग को दिनचर्या में शामिल किया जाए। साथ ही हर घंटे कुछ मिनट टहलना, सीढ़ियों का इस्तेमाल करना और लंबे समय तक एक ही स्थिति में न बैठना जैसी आदतें स्वास्थ्य के लिए लाभदायक साबित हो सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित शारीरिक गतिविधियां न केवल शरीर को फिट रखती हैं, बल्कि मानसिक तनाव को भी कम करती हैं। संतुलित जीवनशैली और सक्रिय दिनचर्या ही बेहतर स्वास्थ्य की सबसे बड़ी कुंजी है।
