धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश अब जानलेवा साबित होने लगी है। जिले के सिहावा थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में एनीकट के तेज बहाव में बह जाने से एक मछुआरे की मौत हो गई। दो दिनों तक चले लगातार रेस्क्यू अभियान के बाद पुलिस और बचाव दल ने मृतक का शव बरामद किया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है, जबकि प्रशासन ने लोगों से बारिश के दौरान नदी-नालों और एनीकट से दूर रहने की अपील की है। जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान घोटगांव निवासी धनंजय तेता के रूप में हुई है।
वह मछली पकड़ने के लिए सेमरा एनीकट पहुंचे थे। उसी दौरान क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण एनीकट का जलस्तर अचानक बढ़ गया। कुछ ही देर में रपटे पर पानी का तेज बहाव शुरू हो गया और धनंजय उसकी चपेट में आ गए। तेज धारा के कारण वह खुद को संभाल नहीं सके और देखते ही देखते पानी में बह गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर सिहावा थाना पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय रेस्क्यू टीम घटनास्थल पर पहुंची। बचाव दल ने तुरंत खोज अभियान शुरू किया, लेकिन लगातार बारिश और पानी के तेज बहाव के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आईं। खराब मौसम और उफनते पानी के बावजूद टीम ने अभियान जारी रखा।
लगातार दो दिनों तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद गुरुवार को रेस्क्यू टीम को सफलता मिली। एनीकट से कुछ दूरी पर धनंजय तेता का शव बरामद किया गया। शव को बाहर निकालकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण तेज बहाव में बह जाना माना जा रहा है। इस हादसे के बाद मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी घटना के बाद मातम का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नाले और एनीकट खतरनाक स्थिति में पहुंच चुके हैं, इसके बावजूद कई लोग मछली पकड़ने या अन्य कामों के लिए वहां पहुंच जाते हैं, जिससे हादसों की आशंका बढ़ जाती है।
धमतरी जिले सहित प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार भारी बारिश दर्ज की जा रही है। बारिश के चलते नदी, नाले, एनीकट और छोटे पुल-पुलियों पर जलस्तर तेजी से बढ़ा हुआ है। कई स्थानों पर रपटों के ऊपर से पानी बह रहा है, जिससे आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। ऐसे हालात में प्रशासन लगातार लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है। जिला प्रशासन और पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि बारिश के दौरान किसी भी नदी, नाले, एनीकट या जलभराव वाले क्षेत्र के पास जाने से बचें। विशेष रूप से मछली पकड़ने नहाने या पानी पार करने जैसी गतिविधियां बिल्कुल न करें।
तेज बहाव का अनुमान लगाना कई बार मुश्किल होता है और छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। प्रशासन ने यह भी कहा है कि यदि किसी क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने या किसी व्यक्ति के बहने जैसी घटना की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस, एसडीआरएफ या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें, ताकि समय रहते राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
