मुंबई। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और अमेरिका-ईरान शांति वार्ता को लेकर बढ़ी अनिश्चितता के कारण घरेलू शेयर बाजार बुधवार को भारी गिरावट के साथ लाल निशान में खुला। सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बाजार खुलते ही बिकवाली का भारी दबाव देखा गया। शुरुआती कारोबार में ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 700 अंकों से अधिक टूट गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 200 से ज्यादा अंक नीचे खिसक गया।
कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स पिछले बंद के मुकाबले गिरकर 74,507.73 पर खुला और कुछ ही देर में 1.05 फीसदी की गिरावट के साथ 73,867.74 के स्तर पर आ गया। इसी तरह निफ्टी भी लुढ़ककर 23,278.50 के स्तर पर पहुंच गया। इस गिरावट का असर व्यापक बाजार पर भी पड़ा, जहां मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी लगभग आधा फीसदी से ज्यादा टूटकर कारोबार करते दिखे।
सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो आज ‘निफ्टी आईटी’ सबसे ज्यादा पिटा और इसमें करीब 3.9 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा रियल्टी, मीडिया, फाइनेंशियल सर्विसेज और एफएमसीजी सेक्टर भी दबाव में रहे। दिग्गज आईटी कंपनी टीसीएस (TCS) के शेयरों में सबसे ज्यादा 6.6 फीसदी की गिरावट देखी गई, जबकि इंफोसिस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक के शेयर भी 3 से 4 फीसदी तक टूट गए। हालांकि, इस मंदी के बीच ओएनजीसी, मारुति, अपोलो हॉस्पिटल और बजाज-ऑटो जैसी कंपनियों के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई।
दूसरी ओर, डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी आज 15 पैसे कमजोर होकर 95.47 के स्तर पर खुला। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, निफ्टी के लिए फिलहाल 23,229 का स्तर एक महत्वपूर्ण सपोर्ट है और बाजार में अब तेजी तभी लौटेगी जब निफ्टी 23,800 के पार बंद होगा। इस बीच, निवेशकों की नजरें आज से शुरू हो रही आरबीआई (RBI) की तीन दिवसीय मौद्रिक नीति बैठक पर टिकी हुई हैं।
