नई दिल्ली।अंकुरित अनाज यानी स्प्राउट्स को सेहत के लिए किसी ‘सुपरफूड’ से कम नहीं माना जाता। मूंग, चना या मेथी को भिगोकर खाने से शरीर को भरपूर प्रोटीन, विटामिन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट मिलते हैं, जो वजन घटाने, इम्यूनिटी बढ़ाने और पाचन को दुरुस्त रखने में मददगार हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही सेहतमंद स्प्राउट्स अगर गलत तरीके से खाए जाएं, तो आपको अस्पताल भी पहुंचा सकते हैं?
दरअसल, अनाज को अंकुरित करने के लिए गर्म और नम (Moist) वातावरण की जरूरत होती है। बदकिस्मती से यही माहौल ई. कोलाई, साल्मोनेला और लिस्टेरिया जैसे खतरनाक बैक्टीरिया के पनपने के लिए भी सबसे अनुकूल होता है। जब हम इन स्प्राउट्स को बिना ठीक से पकाए कच्चा ही खा लेते हैं, तो ये बैक्टीरिया हमारे पेट में चले जाते हैं। इसके कारण फूड पॉइजनिंग, उल्टी, दस्त, तेज पेट दर्द और बुखार जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। खासकर गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए कच्चा स्प्राउट्स खाना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।

इससे बचने और स्प्राउट्स का पूरा फायदा उठाने का सबसे सही तरीका यह है कि इन्हें कभी भी पूरी तरह कच्चा न खाएं। खाने से पहले इन्हें भाप (Steam) में हल्का सा पका लें या उबाल लें; ऐसा करने से इसके सारे हानिकारक बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं और पोषक तत्व भी सुरक्षित रहते हैं। इसके अलावा, स्प्राउट्स बनाने और धोने में साफ-सफाई का खास ख्याल रखें। तैयार स्प्राउट्स को हमेशा फ्रिज में ही स्टोर करें और 3 से 5 दिनों के भीतर इस्तेमाल कर लें। अगर इनमें से किसी भी तरह की बदबू आए या ये चिपचिपे लगें, तो इन्हें तुरंत फेंक दें। थोड़ी सी सावधानी रखकर आप खुद को बीमार होने से बचा सकते हैं।
