नई दिल्ली। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी केन्स टेक्नोलॉजी (Kaynes Technology) के निवेशकों के लिए 14 मई का दिन किसी काले सपने से कम नहीं रहा। शुरुआती कारोबार में ही कंपनी के शेयर 19.4 प्रतिशत तक टूट गए, जिससे बाजार में हड़कंप मच गया। बीएसई पर शेयर की कीमत लुढ़ककर 3,366 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गई। इस जोरदार गिरावट के पीछे मुख्य वजह कंपनी का उम्मीद से कमजोर तिमाही प्रदर्शन और दिग्गज ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन (JPMorgan) द्वारा रेटिंग घटाया जाना माना जा रहा है।
जनवरी-मार्च 2026 की तिमाही के नतीजों ने निवेशकों को काफी निराश किया है। हालांकि कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले 26 प्रतिशत बढ़कर 1,243 करोड़ रुपये रहा, लेकिन नेट प्रॉफिट में 22 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। पिछले साल जहां कंपनी ने 116 करोड़ का मुनाफा कमाया था, वहीं इस बार यह घटकर महज 91 करोड़ रह गया। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह रही कि कंपनी मैनेजमेंट ने साल के अंत तक 51 प्रतिशत ग्रोथ का अनुमान लगाया था, लेकिन असल में यह आंकड़ा केवल 33 प्रतिशत पर ही सिमट गया। इसी ‘अनुमान और हकीकत’ के अंतर ने बाजार का भरोसा डगमगा दिया है।
हालात को देखते हुए जेपी मॉर्गन ने स्टॉक की रेटिंग ‘Overweight’ से घटाकर ‘Neutral’ कर दी है और टारगेट प्राइस को भी 6,000 से घटाकर सीधा 4,000 रुपये कर दिया है। ब्रोकरेज ने कंपनी की भविष्य की कमाई के अनुमानों में भी 12% से 17% की कटौती की है। हालांकि, सकारात्मक पक्ष यह है कि कंपनी की ऑर्डर बुक अब 8,366 करोड़ रुपये की हो गई है और कर्ज में भी भारी कमी आई है। वर्तमान में 24 विश्लेषकों में से 14 अब भी ‘Buy’ की सलाह दे रहे हैं, लेकिन जब तक कंपनी अपने अनुमानों को आंकड़ों में साबित नहीं करती, तब तक इस पर दबाव बने रहने की आशंका है। फिलहाल 22,800 करोड़ के मार्केट कैप वाली इस कंपनी के लिए आगे की राह चुनौतीपूर्ण नजर आ रही है।
