रायपुर। श्री गुरु अर्जन देव जी के 420 वें शहीदी वर्ष के अवसर पर छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज द्वारा एक विशाल छबील अर्थात शरबत वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा जो पूरे प्रदेश में सबसे बड़ा होगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से श्री गुरु अर्जन देव जी के धर्म ना छोड़ने के लिए त्याग और बलिदान को श्रद्धांजलि दी जाएगी, साथ ही उनके जीवन के प्रेरणादायक क्षणों और शिक्षाओं से संबंधित फोटो प्रदर्शनी लगाई जाएंगी, ताकि जनसामान्य को उनके बलिदान से अवगत करवाकर उन्हें धर्म के प्रति जागरूक किया जाय |
इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के सभी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों, समाजसेवी संस्थाओं, संगठनों और एसोसिएशनों के पदाधिकारी और समाज के सभी वर्गों की महिलाओं, पुरुषों एवं बच्चों की भागीदारी रहेगी, सभी श्री गुरु अर्जन देव जी की शहीदी पर शरबत वितरण सेवा में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम के द्वारा समाज में प्रेम, भाईचारे और एकता का संदेश दिया जाएगा। इस अवसर पर सभी धर्मों के प्रमुखों, पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाएगी ताकि वे भी श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी वर्ष पर समाज सेवा के इस अद्वितीय कार्य में भाग लें और इसे सफल बनाने के लिए अपना योगदान दें |
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा एवं सभी सदस्यों ने इस कार्यक्रम के आयोजन को लेकर समर्पण और उत्साह के साथ सभी नागरिकों से इस पुण्य कार्य में भाग लेने की अपील की है। कार्यक्रम के दौरान शरबत वितरण के साथ-साथ अन्य धार्मिक गतिविधियाँ भी आयोजित की जाएंगी, ताकि सभी वर्गों के लोग इस महत्वपूर्ण अवसर का हिस्सा बन सकें। छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा,
समाज के अन्य प्रमुख सदस्यों नरेंद्र सिंह हरगोत्रा, स्वर्ण सिंह चावला, गुरुद्वारा बाबा बुड्ढा जी साहिब गुरुद्वारा के प्रधान हरकिशन सिंह राजपूत, कुलवंत सिंह खालसा, मनजीत सिंह भाटिया, स्वर्णपाल सिंह चावला, जागीर सिंह बावा, देवेंद्र सिंह चावला, रणजीत सिंह खनूजा, अमृत सिंह सूर, जसप्रीत सिंह चावला, इंदर पाल सिंह गांधी, गुरमीत सिंह छाबड़ा एवं मानवेंद्र सिंह डडियाला ने बताया कि 18 जून 1606 के दिन जहांगीर द्वारा गर्म तवे पर बैठाकर ऊपर से गर्म रेत डालकर श्री गुरु अर्जन देव जी को प्रताड़ना दी गई थी परंतु उन्होंने इस्लाम धर्म को स्वीकार नहीं किया और प्राण त्याग दिए | इसी कारण इस दिन सिक्ख समाज द्वारा पूरे दुनिया में ठंडा मीठा शरबत वितरण कर उन्हें नमन करता है| इस छबील अर्थात मीठे जल वितरण का उद्देश्य श्री गुरु अर्जन देव जी के बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करना और धार्मिक और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना है।
