काली पट्टी के बाद अब हड़ताल: RTE फीस को लेकर निजी स्कूलों का विरोध

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में आरटीई (Right to Education) फीस को लेकर विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। फीस प्रतिपूर्ति में बढ़ोतरी की मांग को लेकर निजी स्कूल संचालकों ने विरोध तेज कर दिया है, जिसके चलते आज पूरे प्रदेश के प्राइवेट स्कूल बंद रहेंगे। इस फैसले से लाखों छात्रों और अभिभावकों पर असर पड़ने की संभावना है।

जानकारी के मुताबिक, प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन पिछले काफी समय से आरटीई के तहत मिलने वाली फीस में वृद्धि की मांग कर रहा है। शुक्रवार को स्कूल संचालकों, शिक्षकों और स्टाफ ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। इसके बाद आंदोलन को और तेज करते हुए 18 अप्रैल को स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि, पिछले 14 वर्षों से आरटीई के तहत मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। वर्तमान में कक्षा पहली से पांचवीं तक प्रति छात्र 7,000 रुपए और छठवीं से आठवीं तक 11,400 रुपए सालाना दिए जाते हैं, जो वर्तमान खर्च के मुकाबले काफी कम हैं।

संचालकों ने चेतावनी दी है कि, यदि जल्द ही फीस में बढ़ोतरी नहीं की गई, तो आरटीई के तहत चयनित बच्चों को प्रवेश देने से भी इनकार किया जा सकता है। फिलहाल शासन की ओर से इस मुद्दे पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे स्कूल प्रबंधन में नाराजगी बढ़ती जा रही है। गौरतलब है कि, राज्य सरकार ने 20 अप्रैल से गर्मी की छुट्टियां घोषित कर दी हैं, लेकिन उससे पहले ही यह विवाद शिक्षा व्यवस्था पर असर डालता नजर आ रहा है।