नंदई हत्याकांड: मामूली विवाद बना खूनी खेल, 11 आरोपियों को उम्रकैद की सजा

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के बहुचर्चित नंदई डबल मर्डर केस में अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए 11 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा दी है। करीब चार साल तक चली सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने सभी दोषियों को हत्या और साजिश का दोषी माना।

दरअसल, यह घटना 31 अगस्त 2022 की है, जब एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। आरोपियों ने मिलकर विकास उर्फ कन्हैया सारथी पर चाकू, तलवार और डंडों से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे जितेंद्र साहू को भी हमलावरों ने निशाना बनाया और उस पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल जितेंद्र की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।

घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मौके से हथियार, खून से सने साक्ष्य और CCTV फुटेज जब्त किए। गवाहों के बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों ने केस को मजबूत बनाया। जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ हत्या, दंगा और आपराधिक साजिश समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया। अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि, आरोपी संगठित तरीके से हथियारों के साथ वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे। इस आधार पर 11 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई गई। वहीं, सबूतों के अभाव में दो आरोपियों को बरी कर दिया गया। इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिला है और यह संदेश भी गया है कि, कानून के सामने कोई भी अपराधी बच नहीं सकता।