रायपुर।छत्तीसगढ़ के आदिम जाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए चार जिलों के सहायक आयुक्तों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। मंत्रालय में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने की, जिसमें विभागीय योजनाओं, बजट उपयोग और आगामी कार्ययोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक के दौरान यह सामने आया कि, कुछ जिलों द्वारा आवंटित बजट का समुचित उपयोग नहीं किया गया है। इस पर नाराजगी जताते हुए प्रमुख सचिव ने बलौदाबाजार, बेमेतरा, जशपुर और बिलासपुर के सहायक आयुक्तों को शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं बेहतर कार्य करने वाले जिलों की सराहना भी की गई।
प्रमुख सचिव बोरा ने आगामी शैक्षणिक सत्र को देखते हुए आश्रम छात्रावासों की व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि, अगले दो महीनों के भीतर छात्रावासों में मरम्मत, रंग-रोगन, स्वच्छ शौचालय, पेयजल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह दुरुस्त कर ली जाएं। साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर सभी छात्रावासों में अग्निशमन यंत्र और सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश भी दिए गए।
विद्यार्थियों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए “प्रोजेक्ट संकल्प” के तहत योग और ध्यान को शामिल करने की बात भी कही गई। उन्होंने कहा कि, इससे छात्रों के मानसिक और नैतिक विकास को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा, सेप्टिक टैंकों की सफाई को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए कि, किसी भी स्थिति में मैनुअल सफाई न कराई जाए और इसके लिए नगरीय निकायों की सक्शन मशीनों का ही उपयोग किया जाए। बैठक में छात्रवृत्ति योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर संतोष जताया गया।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि, पिछले शैक्षणिक सत्र में 3.3 लाख से अधिक विद्यार्थियों को समय पर छात्रवृत्ति राशि उनके खातों में सीधे हस्तांतरित की गई। इस प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के लिए जल्द ही इसे पूरी तरह ऑनलाइन करने की तैयारी है, जिससे फर्जीवाड़े पर रोक लग सकेगी और छात्रों को हार्ड कॉपी जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वन अधिकार अधिनियम के तहत लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों का 15 दिनों के भीतर ग्राम सभाओं के माध्यम से निराकरण किया जाए। साथ ही निर्माण कार्यों को तय समयसीमा में पूरा करने और नए छात्रावास भवनों के प्रस्ताव भेजने से पहले स्थल निरीक्षण अनिवार्य करने की बात कही।
बैठक में एकलव्य और प्रयास आवासीय विद्यालयों में एक भी सीट खाली न रखने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही विभिन्न योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम, पीएम जनमन, धरती आबा ग्राम उत्कर्ष और देवगुड़ी-अखरा विकास की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ समय पर कार्य पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए।
